वर्षा आई वर्षा आई

वर्षा आई वर्षा आई।
बच्चों के मन को खूब भाई।।
काम छोड़कर सारे भागे।
मुस्कान लिए अधरों पर, बच्चे भागे।। आसपास पास के बच्चों की टोली भी आई।
वर्षा आई वर्षा आई सभी के मन को खूब भाई।।

रेल बनाकर दौड़े आए। झूला झूलने सारे आए।
बच्चों ने सावन के गीत बनाए। गा गा कर सबके मन को हर्षाए।।
बहती नदी में नाव चलाई। नाव चलाई।
यह देखकर बच्चों की मां मुस्कुराई।
मां ने सबके लिए ढेर सारी भजिया बनाई।
वर्षा आई वर्षा आई। सब के मन को खूब भाई।।
बच्चों नें सावन के गीत बनाए।
गा गा कर सब के मन को हर्षाए।
गर्मी से सब को राहत दिलाई।
सबके दिलों में खुशी की लहर छाई।
वर्षा आई वर्षा आई। सभी के मन को खूब भाई।।

जंगल में मोर नाचा, मोरनी भी आई।
चातक की भी वर्षा ने प्यास बुझाई।
मेंढक भी तालाब से बाहर आकर
उछल-उछल कर टर्रराए।
कमल के फूल भी तालाब में खिल आए।। जंगल में भी बहार आई।
अपनें साथ ढेरों खुशियां लाई।
वर्षा आई वर्षा आई।
सभी ने गर्मी से राहत पाई। राहत पाई।।

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