सावन की फुहार

सावन आया, सावन आया।
अपने साथ ढेर सारी खुशियां लाया।
वर्षा की बूंदों से सावन में, चारों और खुशी का वातावरण लहराया।।
कोयल की मधुर गुंजन हर जगह छाई
हर जगह पक्षियों की चहचहाहट दी सुनाई।
हर नारी नें अपनी कलाई में चूड़ियाँ और हाथों में मेहंदी रचाई।
सावन की झलक सभी के चेहरों पर दी दिखाई।।
मधुर संगीत और नृत्य से सब के मन हुए सुरीले।
सावन की अद्भूत छटा देख, सब हुए हर्षीले।।
सावन में राखी का त्योहार भी आया।
भाई से मिलनें का प्यार बहना को उसके पास खींच लाया।।
सावन में नाग पंचमी भी आई।
लोगों नें नृत्य कर खुशी दिखाई।।
हर घर घर में सबने सावन के गीत गाए।
सबके चेहरे खुशी से भर आए।।
चेहरे पे सभी के खुशी का नूर आया।
हर घर घर मे खुशियों का दीप जगमगाया।।
सावन सावन आया अपने साथ ढेर सारी खुशियां लाया।
सावन में पन्द्रह अगस्त का त्योहार भी आया।
बच्चे बुढेऔर सभी नें मिलजुल कर यह पर्व मनाया।।
सभी के मन में उत्साह की लहर छाई।
बच्चों की खुशी देखकर दादी मां की भी आंख भर आई।।
मां ने ढेर सारी मिठाइयाँ बनाई।
पूरी हलवा और स्वादिष्ट पकवान देखकर सभी की जीभ ललचाई।।
वर्षा के पानी से नदी नाले भर आए।
बारिश में भीगने को बच्चे बाहर की ओर दौड़े दौड़े आए।।
सावन आया सावन आया।
अपने साथ ढेर सारी मस्ती लाया।।
वर्षा के पानी से नदी नाले भर आए।
बच्चे पानी में भीगने बाहर दौड़े-दौड़े आए ।।
सावन आया सावन आया अपने साथ ढेर सारी मस्ती लाया।
बच्चों ने मस्ती कर पानी में नाव चलाई। भीग भीग कर उनके चेहरे पर लाली छाई।।
सावन आया सावन आया।
अपने साथ ढेर सारी खुशिया लाया।।
सब नें त्यौहार मना कर एक दूसरे को दी बधाई।
हर एक को गले लगा कर सभी से मित्रता निभाई।।
हर नारी ने झूला झूल कर सावन के गीत गाए।
उन के गीतों को सुनने सभी उन की ओर खींचें चले आए।।

मंद मंद हवा का चारों ओर वातावरण छाया।
यह सब देख सभी का मन हर्षाया।
सावन आया, सावन आया अपने साथ ढेरों खुशियाँ लाया।।

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