हिमाचल प्रदेश

पहाड़ों कि गोद में बसा हिमाचल प्रदेश मनभावन, मनमोहक और निराला।

इस पावन मरु भूमि में जन्म लेने का अति सौभाग्य हमारा।।

यहां का बच्चा,बूढ़ा और नवयुवक है भोलाभाला।

प्रकृति के अनूठे ,पर्वतो , झरनों और मनोहर दृश्यों का लुत्फ उठानें वाला।।

ऋषि मुनियों कि तपस्थली भी कहलाता।

देव भूमि का इलाका सभी को बहुत सुहाता।। 

  तुलसीदास, वसिष्ठ,वेदव्यास आदि महानुभावों का स्मरण करवाता।

सुन्दर पर्वतो कि चोटियों  से सब को हर्षाता।

चारों तरफ हरियाली ही हरियाली बिखराता।।

दूर दूर से पर्यटक ऊंचे ऊंचे पहाड़ों पर चढनें का आनन्द उठातें हैं।

कुफरी,नालदेरा,क्रेगनेनों में एक दुसरे पर बर्फ फैंक फैंक कर आत्म विभोर हो जातें हैं।

ऊंची ऊंची चोटियों पर चढ़ कर प्रयटक  ट्रेकिंग का आनन्द मनातें हैं।

यहां के मनमोहक दृश्यों का विडियो बना कैमरै में कैद कर जातें हैं।।

जाखु, एडवांस स्टडीज,कामनादेवी मन्दिर, में जा कर खुशियां खुब मनातें हैं।

यहां के दिलकश नजारे उन सभी को खूब भातें हैं।

हर वर्ष लाखों कि संख्या में पर्यटक देवभूमि में आतें हैं।

यहां के गुण  गा गा कर  खुशी से मंत्र मुग्ध हो जातें हैं।

शिमला के मालरोड कि तो क्या कहनें।

महिलाएं शौक से खुब खरीदती है गहनें।।

 लकड़ बाजार में लकड़ी कि वस्तएं खुब बिकती।

आर्टिफिशियल ज्वेलरी महिलाएं शौक से है खरीदती।।

कुल्लु का दशहरा भी लोगों को खुब पसन्द आता।

यहां कि शौलें,टोपी और हाथ कि कारीगरी  का ज्वलंत मिसाल दिखलाता।।

खजियार कि घाटी का आकर्षण  तो बढ चढ कर अनूठा करतब दिखाता।

रामपुर में भीमाकाली टैम्पल  का वैभव पर्यटकों को खुब लुभाता।।

हिमाचल प्रदेश कि राजधानी शिमला है कहलाती।

अंग्रेजों कि दास्तान को स्मरण है करवाती।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *