मोबाईल का हेरफेर

तीन दोस्त थे सनी हनी और बनी। तीनों दोस्तों में पक्की मित्रता थी। सुबह के समय इकट्ठे सैर पर निकल जाया करते थे। एक दिन वे तीनो जब आराम करने के लिए एक पार्क में बैठे तो तीनों आपस में बातें करने लगे। सनी बोला मैं हर रोज गाने गाता हूं। गाने लिखने का अभ्यास… Continue reading मोबाईल का हेरफेर

भाई की सीख

एक छोटा सा गांव था।वंहा पर लगभग ३000 के करीब लोग रहते थे।उस गांव मे  सुखवीर और तनवीर दो महिलाएं थी ।वह दोनों एक साथ वाले घर में रहती थी। यह दोनों महिलाएं आपस में लडती इतना  कि उनके  जोर जोर से एक दूसरे पर चिल्लाने की वजह से इधर उधर सारे मोहल्ले के लोग… Continue reading भाई की सीख

साहसी देवकी

माधवपुर गांव में देवकी अपने पति के साथ हंसी-खुशी जीवन यापन कर रही थी।। उसके पति के व्यापार में दिन रात चौगुनी उन्नति हो रह थी। उसका पति एक मेहनती और ईमानदार व्यापारी था। बाहर के लोग भी उसकी बहुत ही प्रशंसा कर रहे थे। विदेशों में भी उसके सामान की प्रशंसा हो रही थी।… Continue reading साहसी देवकी

शक का दायरा

तरुणा तान्या और तन्वी तीन सहेलियाँ थी। तीनों सखियां दसवीं के बाद नर्स के प्रशिक्षण के लिए जी-जान से तैयारी कर रही थी। दोनों ही बहुत होनहार सुशील और सभ्य थी। तीनों डटकर नर्स के प्रशिक्षण की तैयारी कर रही थी। तीनों  लिखित परीक्षा में निकल चुकी थी केवल मौखिक परीक्षा का टेस्ट होना बाकी… Continue reading शक का दायरा

सच्चा न्याय राजा वीर सेन का

कीर्तन और निरंजन दोनों दोस्त चले जा रहे थे। वह बहुत दूर निकल गए थे। आज तो अपने राजा का निर्णय सुनकर वे बहुत खुश हो गए। वह सुजानपुर के रहने वाले थे। जब वह दोनों अपने राज्य की बात कर रहे थे तो वहां से जाते हुए तीन परियों उन दोनों की बातें बड़े… Continue reading सच्चा न्याय राजा वीर सेन का

होनहार मेताली

मेंताली एक सीधी-साधी और होनहार बालिका थी। दसवीं कक्षा में वह प्रथम आई। गणित में तो उसके 100 में से 98 अंक आए। उसके पिता एक मध्यमवर्गीय परिवार के थे। उनके पिता के पास अपनी बेटी को पढानें के लिए रुपए नहीं थे। उन्होंने कहा बेटा मैं तुम्हें आगे नहीं पढ़ा सकता क्योंकि घर में… Continue reading होनहार मेताली

झूठा सौदा

बग्गा एक रिक्शाचालक था। एक छोटी सी खोली में रहता था। वह रात-दिन मेहनत मजदूरी करके अपने तथा अपने बच्चों का पेट भरता था ।उसका एक बेटा था वह सोचता था कि वह अपने बच्चों को खूब पढ़ाएगा। वह तो कुछ नहीं बन सका मगर किसी ना किसी भी किसी तरह वह अपने बच्चे को… Continue reading झूठा सौदा

बोलते पत्थर

यह कहानी एक छोटे से बालक श्रेयान की है। श्रेयान की माता जब वह दो साल का था तब उसको सदा के लिए  छोड़ कर भगवान के पास जा चुकी थी। उसको संभालने वाला कोई नहीं था। उसके पिता एक दुकान में काम करते थे। श्रेयान के लिए उन्हें शादी के सूत्र में बंधना ही… Continue reading बोलते पत्थर

रंग

छोटू घर आकर अपने पापा से बोला पापा पापा हम कब गांव जाएंगे। वहां मैं अपने चाचा जी के बेटे से मिलूंगा। छोटू के पापा बोले हम जल्दी ही गांव चलेंगे। छोटू खुशी के मारे चिल्ला रहा था। आज हम गांव जा रहे हैं घर के बाहर अपने छोटे-छोटे दोस्तों को कह रहा था मैं… Continue reading रंग

पिन्कु और जादू की परियां

एक बच्चा था उसका नाम था पिंकू। वह बहुत ही होनहार लड़का था वह हर काम को बहुत होशियारी से किया करता था। एक दिन जब वह स्कूल से आ रहा था तो उसे एक जूता दिखाई दिया। वह इतना चमचम कर रहा था वैसे वह उस जूते को देखकर मोहित हो गया। उसने वह… Continue reading पिन्कु और जादू की परियां