स्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो।

स्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो।बचपन के अद्भुत क्षणों का आनन्द उठानें दो।मां मुझे खेल खेलनें जानें दो।खेल खेलनें जानें दो।। रोक टोक छोड़ छाड़ कर ,सपनों के हिंडोलों में खो जानें दो।मन्द मन्द मुस्कान होंठों पर आने दो।। मुझ पर काम का बोझ मत बढ़ाओ।पढाई में अभी से मत उलझाओ।।नन्हे कोमल,भावुक,सुकुमार को यूं और न सताओ।मुझ… Continue reading स्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो।

मेरी लाड़ली बहना

 सुन्दरता की पहचान हो। भोली सूरत और ममता की खान हो ।। करुणा,दया और ममता कि साक्षात मिसाल हो। चिन्तनशीलता और गुणों की बेमिसाल हो ।। सोच समझ से हर काम को करती हो । अपनों से दिलोजान से मोहब्बत करती हो।। आप से बढ़ कर कोई नहीं है सानी।। आप तो सभी से हो… Continue reading मेरी लाड़ली बहना