(झबरु)

एक छोटे से पहाड़ की तलहटी पर झबरु अपनी मां छमिया के साथ रहता  था। झबरू भोली मुस्कान लिए जब अपनी मां की ओर देखता तो उसकी मा फूली नहीं समाती। थोड़ी देर बाद उस की मां को पता नहीं क्या सूझता  वह उसको डांटने लग जाती कहती कि जल्दी ही अपना काम किया करो।… Continue reading (झबरु)

जीवन में नेक काम करना सीखो

नदियों के पानी का सम्मान करना सीखो। अपने जीवन में नेक  काम करना सीखो।। धरती मां वसुंधरा का सम्मान करना सीखो। प्रकृति से जुड़कर नेक काम करना सीखो।। अपने आसपास प्रदूषित वातावरण मत पनपाओ। अपने अराध्य को प्रसन्न करने वालों, नदी में कूड़ा करकट जहरीला पैदार्थ मत फैलाओ।। धरती मां की छाती को भेद  कर,… Continue reading जीवन में नेक काम करना सीखो

लालची बहनें

तीन चचेरीं  बहने थी। दो बहने तो मध्यम परिवार से संबंध रखती थी। तीनों ने अपने मनपसंद   साथी का  चुनाव किया।  तीनो बहने साथ-साथ घर में ही रहती थी। उनके पति जो कुछ कर कमा कर लाते थे। वह मिल बांट कर खाती थी। वह एक दूसरे को सारी बात बता देती थी कि आज… Continue reading लालची बहनें

चोर सिपाही

बिहार के एक छोटे से गांव में  जुम्मन एक रेडी चालक के रूप में काम करता था। वह मेहनत से जो कुछ भी कमा कर लाता उससे वह अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। उसने अपने बेटे लाखन को भी स्कूल में डाल दिया था। लाखन बहुत ही समझदार बच्चा था। जब वह… Continue reading चोर सिपाही

व्याध और हंसों का झुन्ड

पानी की तलाश में एक हंसो का झुन्ड   सरोवर मे  था आया।  सरोवर के पास व्याध को देख कर था घबराया।।  हंसिनी के   बच्चे का हाथ था छूट गया। इस आपाधापी में वह बच्चा अपनी मां से बिछुड़ गया।। अपनी मां से बिछुड़ने  पर वह पंहुचा एक घने जंगल में। वहीं पर एक व्याध भी… Continue reading व्याध और हंसों का झुन्ड

पायल

हर रोज की तरह पायल स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी ।पायल की मम्मी ने कहा बेटा नाश्ता तो कर ले ।परंतु पायल ने मम्मी की बात अनसुनी कर दी और कहा मुझ  नाश्ता नहीं करना है। पायल बहुत ही जिद्दी लड़की थी ।उसकी इस जिद के कारण मम्मी- पापा हमेशा उस से… Continue reading पायल

ईमानदारी का तोहफा

बहुत समय पहले की बात है बेलापुर गांव में एक बहुत ही मेहनती और ईमानदार महिला रहती थी ।वह इतनी मेहनत करती कि उसकी गांव गांव में दूर-दूर तक  चर्चा  की जाती थी वह सुबह जल्दी उठती सुबह के कामों से निवृत होकर सुबह-सुबह ही अपने खेतों में पानी देती। उसने अपने घर के पास… Continue reading ईमानदारी का तोहफा

(मन का दर्पण है सुन्दर कल्पनाएँ) कविता

मन का दर्पण है सुन्दर कल्पनाएँ। अतीत में झांकने का अवसर देती है कल्पनाएं।। व्यक्ति के चेहरे पर रंगत का दौर लाती हैं कल्पनाएँ। जीवन को नई उम्मीद का चेहरा दिखाती हैं सुन्दर कल्पनाएं।। हमारे अंदर छिपी हुई रचनात्मक  प्रवृति को  उभारती हैं कल्पनाएँ। नकारात्मकता और सकारात्मकता का अनुभव कराती हैं कल्पनाएं।। मधुर सपने दिखाती… Continue reading (मन का दर्पण है सुन्दर कल्पनाएँ) कविता

रमिया

रमिया अपनी जुडवां बेटियों के साथ रेल की पटरी पर बैठे बैठे गाड़ी के आने का इंतजार कर रही थी। वह अपने मन में विचार कर रही थी गाड़ी न जानें कब जैसे आएगी। वह अपनी बेटियों को साथ लेकर काम करनें के लिए जाती थी। उसे और उसकी बेटियों को भूख भी बड़े जोर… Continue reading रमिया

(मस्ती की पाठशाला) कविता

लुक्का छिपी लुकाछिपी खेल खेल कर साथ मिल कर खेलो खेल। हम सब बच्चे मिलकर बनाएं अपनी रेल।। छुक छुक छुक छुक करती आई रेल। सीटी बजाती आई रेल।। एक दो तीन चार, पांच छः सात, आठ नौ दस ग्यारह। आज मौसम बहुत ही प्यारा।। मेरे साथ मिलकर तुम गांओ यह गाना। डम डम डिगा… Continue reading (मस्ती की पाठशाला) कविता