स्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो।

स्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो।बचपन के अद्भुत क्षणों का आनन्द उठानें दो।मां मुझे खेल खेलनें जानें दो।खेल खेलनें जानें दो।। रोक टोक छोड़ छाड़ कर ,सपनों के हिंडोलों में खो जानें दो।मन्द मन्द मुस्कान होंठों पर आने दो।। मुझ पर काम का बोझ मत बढ़ाओ।पढाई में अभी से मत उलझाओ।।नन्हे कोमल,भावुक,सुकुमार को यूं और न सताओ।मुझ… Continue reading स्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो।

मेरी लाड़ली बहना

 सुन्दरता की पहचान हो। भोली सूरत और ममता की खान हो ।। करुणा,दया और ममता कि साक्षात मिसाल हो। चिन्तनशीलता और गुणों की बेमिसाल हो ।। सोच समझ से हर काम को करती हो । अपनों से दिलोजान से मोहब्बत करती हो।। आप से बढ़ कर कोई नहीं है सानी।। आप तो सभी से हो… Continue reading मेरी लाड़ली बहना

चंदा मामा भाग-२

प्यारे प्यारे चंदा मामा।न्यारे न्यारे चंदा मामा।तुम हो सब के राजदुलारे मामा।मां कहती हैं तुम अपनी किरणों की प्रखरता से सारे जग को चमकाते हो। किरणों की चकाचौंध से सभी के मनों को लुभाते हो।।कभी गोल-मटोल बन कर दिखाते हो।कभी तिरछी कलाओं का जाल दिखाते हो।कभी आधी, कभी पुरी आकृति बनाते हो। आमावस की रात… Continue reading चंदा मामा भाग-२

परमार्थ

मिट्टी का माधो बनकर तू एक दिन रह जाएगा।  बुराइयों के दलदल में पड़ कर बचाखुचा समय यूं व्यर्थ गंवाएगा।। मानव जीवन है अनमोल।  सच्चाई से बढ़कर नहीं है इसका तोल।।  झूठ के बल पर तू कब तक मुकाम हासिल कर पाएगा?।  जिंदगी में सदा अकेला होकर फिर तू पछताएगा ।  जीवन में जिन को… Continue reading परमार्थ

मधुर वचन

कुटिल वचन न बोलिए, जो सब का मन दुखाए। मीठे वचन अति लुभावने। जो सब को  सुहाए।। गोविन्द गोविन्द रटते रहो,जब तक मुंह में जुबान। भवसागर से तर जाएगा जब निकलेंगें प्राण।। माया है सब से बुरी,इससे हमेशा रखो दुरी। प्यार,ममता,स्नेह और विश्वास से प्रभु की पकड़े रखो डोरी।। विवेक से उत्पन्न होए प्रेम की… Continue reading मधुर वचन

हिमाचल प्रदेश

पहाड़ों कि गोद में बसा हिमाचल प्रदेश मनभावन, मनमोहक और निराला। इस पावन मरु भूमि में जन्म लेने का अति सौभाग्य हमारा।। यहां का बच्चा,बूढ़ा और नवयुवक है भोलाभाला। प्रकृति के अनूठे ,पर्वतो , झरनों और मनोहर दृश्यों का लुत्फ उठानें वाला।। ऋषि मुनियों कि तपस्थली भी कहलाता। देव भूमि का इलाका सभी को बहुत… Continue reading हिमाचल प्रदेश

रानी कम्प्यूटर और माऊस

रानी ने कम्प्यूटर चलाने के लिए पावर का बटन दबाया।बटन क्लिक कर के अपने दोस्तों को दिखलाया।।बार बार कोशिश करने पर भी सफल न हो पाई।अपने दोस्तों के सामने विफल हो कर पछताई।। रानी माऊस को उल्ट पुल्ट कर घुमाने लगी।उस पर अपनी भड़ास निकाल कर झल्लानें लगी।। हार कर बोली तुम मुझ से क्यों… Continue reading रानी कम्प्यूटर और माऊस

क्षमादान

राजू एक बहुत ही शरारती बच्चा था। वह हमेशा शरारती करने में माहिर था कहीं भी कुछ भी देखता वहां पर तोड़फोड़ करना उसकी आदत बन गया था। रास्ते में चलते हुए कभी पक्षियों पर पत्थर फेंकता, कभी रास्ते में से जो भी ग्रामीण गुजरता या औरतें चलती हुई नजर आती उनकी मटकी फोड़ देता… Continue reading क्षमादान

होनहार रामू

बहुत समय पहले की बात है कि एक जुलाहा था। वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ खुशी-खुशी समय व्यतीत कर रहा था। जुलाहा सूत कात कात कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। एक दिन जुलाहे का हाथ सूत कातने वाली मशीन में फंस गया। डॉक्टरों ने कहा कि उसके… Continue reading होनहार रामू

“हे नारी!तुझे शत शत नमन”

सुसभ्य संस्कृति कि नव चेतना का आधार जननी कर्मधात्री, पवित्रता स्वरुपिणी, वात्सलयमयी,ममता का आधार जननी।। सर्वस्व न्योछावर करने वाली, तन मन धन समर्पित करनें वाली।। अपनें हुनर से घर को साज संवारने में निपुणता लानें वाली। अपनी सूझबूझ के दम पर परिवार पर जान छिड़कनें वाली ।। त्याग,तप और सौम्यता कि मूर्ति बन अपनें परिवार… Continue reading “हे नारी!तुझे शत शत नमन”