भाई और बहना का एक दिन हुआ मनमुटाव।दोनों का आपस में था बहुत ही जुड़ाव।। बहना ने सोचा, भाई मुझे मनाने आएगा।कब तक वह मुझसे पीछा छुड़ाएगा? भाई ने रसोई से बर्फी और मिठाई का डिब्बा उठाया।खूब चटकारे लगा-लगा के मिठाई का किया सफाया।। बहना दौड़ी-दौड़ी आई और भाई पर चिल्लाई। बर्फी और मिठाई जो… Continue reading जैसे को तैसा
नदी का बहाव
कृष्णदेव राय के दरबार में एक बूढ़ा मंत्री था। राजा उसे बहुत मानते थे। एक दिन मंत्री ने कहा,“महाराज! अब मेरा मन गाँव जाकर रहने का है।” राजा ने दुखी मन से उसे जाने की अनुमति दे दी। मंत्री के जाने के बाद राजा बहुत उदास रहने लगे। तेनालीराम ने उन्हें समझाने की कोशिश की,… Continue reading नदी का बहाव
करनी का फल
एक छोटे से कस्बे में एक व्यापारी रहा करता था।व्यापार के सिलसिले में उसे दूर-दूर तक जाना पड़ता था।सामान लाने-ले जाने के लिए उसके पास दो टट्टू थे—एक का नाम था कालू और दूसरे का नाम था बालू।दोनों व्यापारी के बहुत पुराने साथी थे। कालू सीधा-सादा और मेहनती था,जबकि बालू थोड़ा स्वार्थी स्वभाव का था।व्यापारी… Continue reading करनी का फल
लड़का लड़की एक समान
लड़का लड़की एक समान।दोनों हैं घर की आन,बान और शान।।माता पिता उन पर छिड़कते हैं जान।।लड़की बिना जीवन अधूरा।लड़की के आनें से वह होता है पूरा।।लड़का भी होता है घर का दुलारा।बहन के आ जानें से वह बन जाता है और भी प्यारा।।नर के अभाव में नारी भी है अपूर्ण।नर के साथ नारी भी है… Continue reading लड़का लड़की एक समान
छतरी
दोस्त है मेरी वर्षा रानी।वह तो है बड़ी मनभावनी।आनें पर मुझे लुभाती है।मेरी ओर खिंची चली आती है।हम दोनों का एक दूजे बिना नहीं है गुजारा।उस का साथ मुझे भी लगता प्यारा। आती है जब वर्षा रानी।बरसाती है पानी।।मुझ को बाहर है बुलाती।पानी में है सैर करवाती।।टपटप बूंदें सभी पर बरसाती हैं।मुझे खोलनें पर मजबूर… Continue reading छतरी
हम होगें कामयाब
हम होगें कामयाब,हम होगें कामयाब।एक दिन ।मन में है विश्वास पूरा है विश्वास हम होंगें कामयाब एक दिन।। सफलता,विफलता,जय पराजय,शोक हर्ष, सुख दुःख,में सदा ही मुस्कराएंगें।कांटों की चुभन से भी न घबराएंगे। हम होगें कामयाब,हम होगें कामयाब एक दिन।, रुढ़िवादी विचारधारा को हटाएंगें।संकीर्णता को जग से दूर भगाएंगें।कामयाबी पा कर ,एक साथ, मिल कर जश्न… Continue reading हम होगें कामयाब
सबसे बड़ा विद्यालय है परिवार हमारा।
परिवार के सदस्य शिक्षक बन कर संवारते हैं भविष्य हमारा। जिंदगी की पाठशाला में मां शिक्षक बन जाती है। 2 ।जिम्मेदारी का एहसास करा कर , अनुशासन का पाठ सिखाती है।प्यार, दुलार,डांटकर हर बात समझाती है।हर बात समझाती है।गुरु और माता-पिता बन कर सभ्य इंसान बनाती है।माता पिता की छत्रछाया में बच्चे नैतिकता को अपनाते… Continue reading सबसे बड़ा विद्यालय है परिवार हमारा।