गाय माता

गाय जगत माता कामधेनु है कहलाती।गाय की सेवा घरों में खुशहाली को बढ़ाती।। धर्म,अर्थ,मोक्ष का आधार है गौ माता।।सकल जग उदधारिणी है गौ माता।समन सकल भव रोग हारिणी है गौ माता।।पृथ्वी पर रहनें वाले जीवों से करती है प्यार।हर प्राणी,जीवों पर इसके हैं असंख्य उपकार।।गाय की सेवा,पालन पोषण करना है धर्म हमारा।इस से बढ़ कर… Continue reading गाय माता

मौसम

मां बोली तुम्हें आज मौसम के बारे में बतलाती हूं। तुम्हारा ज्ञान बढ़ाकर मनोरंजन करवाती हूं ।। एक  वर्ष में मौसम है चार। आओ इन के बारे में चिन्तन मनन कर के करें विचार।। गर्मी सर्दी पतझड़ और बरसात। इनके सामने इन्सान कि क्या है बिसात।।  यह मौसम बारी-बारी से हैं आते।  फरवरी मार्च-अप्रैल और… Continue reading मौसम

स्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो।

स्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो। बचपन के अद्भुत क्षणों का आनन्द उठानें दो। मां मुझे खेल खेलनें जानें दो। खेल खेलनें जानें दो।। रोक टोक छोड़ छाड़ कर , सपनों के हिंडोलों  में खो जानें दो। मन्द मन्द मुस्कान होंठों पर आने दो।। मुझे पर काम का बोझ मत बढ़ाओ। पढाई में अभी से मत उलझाओ।।… Continue reading स्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो।

शिक्षक

शिक्षक हैं हमारी आन,बान और शान।हम दिल से सदा करते हैं उन का सम्मान।।वे हमें देतें हैं सत्बुद्धि,शिक्षा और ज्ञान।हमारे शिक्षक सभ्य और संस्कारी।नम्रता की मुर्त और हितकारी।उन की संगत हमें लगती है प्यारी।।ऊंगली पकड़ कर लिखना सिखलाते।मां की ममता जैसा आभास करवाते।।बार बार अभ्यास की राह सुझाते।हर शब्द,वाक्य,स्वर,वर्णों का क्रम है सिखलाते।श्रूतलेख का हर… Continue reading शिक्षक

थाली में खाना जूठा मत छोड़ो

थाली में खाना जूठा मत छोड़ो। आवश्यकता से अधिक खानें कि आदत से पीछा छोड़ो।। अन्न में होता है अन्न पूर्णा का निवास। जूठन बचाना होता है बर्बादी का वास। अन्न पूर्णा का मत करो अपमान। नहीं तो कोई भी तुम्हारा जग में कभी नहीं करेगा सम्मान।। अपनें छोटे भाई बहनों को भी यह बात… Continue reading थाली में खाना जूठा मत छोड़ो

नई सदी का भारत

नई सदी का मानव बनेगा महान। शान्ति दूत बन कर  सभी का करेगा कल्याण। भ्रष्टाचार कि राजनीति करनें वालों पर  कड़ा रुख अपनाएगा। भाई भतीजावाद, चापलूसी से मुक्ति दिलवाएगा।। आंतकवाद फैलानें वालों को अपनें देश से बाहर करवाएगा। कर्मयोग की राह पर चलने वाला ही मां भारती का सच्चा सपूत कहलाएगा। अपनें प्राणों का उत्सर्जन… Continue reading नई सदी का भारत

हम नन्हें नन्हें हैं बच्चे

हम नन्हे नन्हे बच्चे, नादान उम्र के हैं कच्चे।। भोले भाले दिल के सच्चे। मासूम और सच्चे बच्चे।। लिखना पढ़ना क्या जानें? हम तो अभी अक्षर भी न पहचानें।। केवल मां की ममता को ही जानें।। हम नन्हे नन्हें हैं  बच्चे  नादान उम्र के हैं कच्चे। मासूम और सच्चे बच्चे।। हमें डांट फटकार से डर… Continue reading हम नन्हें नन्हें हैं बच्चे

प्रार्थना

 तेरे पूजन को भगवान मन को बनाएं आलीशान। तुम्हारा हर पल करें  हम ध्यान। भक्तों का तुम करते कल्याण।। तेरी छवि अति महान। मनमोहक अति सुन्दर राम।। तेरे पूजन को भगवान मन को बनाएं आलीशान।। तू ही अन्दर , तू ही भीतर तू ही सब का प्यारा हितकर।। तू ही सर्वत्र विद्यमान। तेरी लीला अति… Continue reading प्रार्थना

चौपाईयां

राम कथा जीवन आधारा। सुमरित श्रवण कर जग से तारा।। राम सिया राम ,सिया राम जै जै राम। सुखी वहीं जो राम गुण गाएं। प्रभु प्रसाद वहीं जन पाएं।। राम सिया राम सिया राम जै जै राम।। राम सिया राम, सिया राम , जै जै राम।। भृकुटि विशाल,नयन चकोरा। चारू कपोल,चंचल चितचोरा।। राम सिया राम,सिया… Continue reading चौपाईयां

प्रार्थना

सुबह सवेरे ले कर तेरा नाम प्रभु।करते हैं शुरुआत आज का काम प्रभु।।पढ़ाई में हमेशा ध्यान लगाएं हम।मेहनत से ही अच्छे अंक पाएं हम।मेहनत से ही अच्छे अंक पाएं हम।।सुबह सवेरे ले कर तेरा नाम प्रभु।करते हैं शुरुआत आज का काम प्रभु ।।कक्षा में कभी जी न चुराएं‌ हम।सच्चाई को ही हमेशा अपनाएं हम।सच्चाई को… Continue reading प्रार्थना