झूठा इल्जाम

नंदिता घर आते ही अपने पिता के पास भाभी भागी आई। पापा आज आप मेरी पिटाई तो नहीं करोगे। उसकी मां कमरे में नंदिता के   समीप आई और बोली क्यों रो रही है? वह रोते रोते बोली  स्कूल में आज  दोस्तों नें मेरी पैन्सिल चोरी कर दी। उसके पापा बोले गुम कर दी तो मैं… Continue reading झूठा इल्जाम

नन्हीं परी

एक छोटे से कस्बे में हीरालाल अपनी पत्नी रेशमा के साथ रहा करता था। हीरालाल की अपनी एक छोटी सी दुकान थी जिसमें वह काम किया करता था। घर के कामकाज में कभी अपनी पत्नी का हाथ नहीं बटांता था उसकी पत्नी रेशमा भी अपने पति से चिड़ी चिड़ी रहा करती थी। वह भी प्राइवेट… Continue reading नन्हीं परी

स्वच्छता का संकल्प भाग(1)

मेरे प्यारे बच्चों तुम इधर तो आओ। आने में तुम यूं ना देर लगाओ। नाना-नानी चाचा-चाची ताया ताई, सभी को बुलाओ सभी को बुलाओ। आने में यूं ना तुम देर लगाओ। अपनें वातावरण को साफ रखनें का तुम्हे देते हैं आज यह मूल मंत्र। यही है तुम्हारे जीवन का तंत्र। इसको तुम सभी अपने जीवन… Continue reading स्वच्छता का संकल्प भाग(1)

पेड़ हमारे जीवन दाता

पेड़ हमारे जीवन दाता। हमारा इनसे सदियों का नाता। यह है हमारे जीवन का आधार। इनके बिना जिंदगी है निराधार। पेड़ है धरती की जान। इसकी हिफाजत करना है हमारी शान। पेड़ों को काटना है पाप। नहीं तो जिंदगी भर भुगतना पड़ेगा श्राप। पेड़ लगाओ पेड़ लगाओ।पेड़ लगा कर इस पावन धरा को और भी… Continue reading पेड़ हमारे जीवन दाता

स्वच्छता का संदेश

 (स्वच्छता का संदेश) भाग(2) “ आओ हम सब मधुर स्वर में एक साथ गुनगुनाएं। मिलकर हम सब अपने पर्यावरण को स्वच्छ बनाएं।। ,, 1()धातु, शीशा, गता कागज प्लास्टिक पॉलिथीन नायलॉन कूड़ा करकट  इधर-उधर नहीं फैलाएं। (2 )अनुपयोगी सामान को कबाड़ी को बेच कर आएं।। (3) हम कूड़े कचरे को जलाएं। (4)साग सब्जी और फलों के… Continue reading स्वच्छता का संदेश

प्रकृति की मूल्यवान धरोहर उजड़ते वन

एक किसान था वह बहुत ही गरीब था। वह  एक दिन  सोचने लगा। कि क्यों ना मैं भी अमीर बन जाऊं? जिससे मेरा जीवन सार्थक बन जाए। वह अपने घर में बैठा-बैठा योजना बनाने लगा ऐसा मैं क्या करूं? जिससे मेरा सारा जीवन आराम से कटे। वह सपनों की साकार दुनिया में ही हिलोरे खाने… Continue reading प्रकृति की मूल्यवान धरोहर उजड़ते वन

आओ स्वयं को प्यार करके खुद को सराहें

आओ स्वयं को प्यार करके खुद को सराहें। खुद को तरक्की की राह पर हर दम आगे बढ़ाएं। स्वयं को प्यार करके खुद को सराहें।। दूसरों से पहले खुद को प्यार करना सिखाएं। खुद की सराहना करके दुनिया में सबसे ऊपर निकल कर दिखाएं। अपनी खूबियों को पहचान कर अपने में आत्मविश्वास जगाए।। खुद को… Continue reading आओ स्वयं को प्यार करके खुद को सराहें

रंजिश

पूजा और पारुल  दोनों पक्की सहेलियाँ थीं। वे दोनों कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रही थी। दोनों ही पढ़ने में तेज थी। पारुल के माता-पिता स्वच्छंद विचारों के थे, लेकिन पूजा के माता-पिता थोड़ा रूढ़िवादी विचारों के थे।  पूजा के पिता चाहते थे कि हमारी बेटी को हम स्नातक तक तो शिक्षा दिलवा ही देंगे।… Continue reading रंजिश

गढे खजानें का रहस्य

एक किसान और उसकी पत्नी एक छोटे से गांव में  रहते  थे। उनकी एक बेटी थी उसका नाम था मीनू। जैसा नाम था वैसे ही गुणों की खान थी। वह केवल 5. साल की थी। किसान उसे गांव के स्कूल में पढ़ने भेजा करता था।। वह तीन-चार किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाती थी। उनकी बेटी… Continue reading गढे खजानें का रहस्य

सहयोग का परिणाम

किसी गांव में एक किसान रहता था। वह मेहनत करके अपना जीवन गुजारा करता था। हल चलाकर खेतों में सारा दिन काम कर के शाम को थका मांदा जब  घर आता तो उसकी पत्नी उसे गर्म गर्म खाना परोसती।  खाना खाने के बाद उसे ऐसी  नींद आती के  उसके सामने कोई आवाज भी लगाता होता… Continue reading सहयोग का परिणाम