रहस्यमयी गुफा भाग 7

गुफा के पास पहुंच कर गोलू ने  जादुगर द्वारा प्राप्त बालों से बौने को बुलाया और उसकी मदद से वह  जादुगर  राक्षस सिंकारा की पत्नी का रूप धारण कर के गुफा के अंदर चला गया । सिंकारा की पत्नी को उसने चुपके से  नशे की दवा पिला के थोड़ी देर के लिए बेहोश कर दिया… Continue reading रहस्यमयी गुफा भाग 7

ग्रीन टी का सदुपयोग

ग्रीन टी सेहत के लिए भी है सहचारी बिमारियों से बचाने में यह है गुणकारी ।।ं सुबह सुबह उर्जा से  है भरपूर इसकी   प्याली।  इसके सेवन नें  व्यक्ति में स्फूर्ति जगा डाली।। हरी पत्तियों का स्वाद लिए व्यक्ति में जोश और  उमंग जगाए। दिल के हर एक कोने में मिठास का एहसास कराएं ।। विलक्षण… Continue reading ग्रीन टी का सदुपयोग

मधुर बचपन के पल

मधुर बचपन के वे क्षण याद आते हैं। धुंधली यादों के साए नजर आते हैं ।। बचपन की अठखेलियां के वे चंचल लम्हे याद आते हैं। दोस्तों संग मस्ती के  वे क्षण याद आते हैं।। कैसे भुलें  कैसे भुलें   मां पापा का प्यार। नाना नानी का लाड दुलार।। मधुर बचपन के वे  स्मृति चिन्ह मानस… Continue reading मधुर बचपन के पल

कटोरी और घड़े की नोंक झोंक

एक घड़ा पानी से भरा भरा रहता था।। साफ स्वच्छ और लबालब धरा रहता था । उसके ऊपर एक कटोरी सदा ही शोभायमान रहती थी। शोभायमान होकर अपनी अकड़ दिखाती रहती थी । पात्र घडे के पास पानी पीने जाते । जल पीने के लिए उनके सामने अपना मुख नवातें। घड़ा प्रसन्नता पूर्वक उनको जल… Continue reading कटोरी और घड़े की नोंक झोंक

नेक उदयसेन

राजा केतभानु के छोटे से राज्य में प्रजा बहुत ही खुशहाल थी। राजा का वज़ीर उदयसेन बहुत ही नेक दिल इंसान था। वह  हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहता था।उसके पास जो कुछ भी बचता था वह सब गरीबों में बांट दिया करता था। राजा भी अपने वज़ीर पर बहुत विश्वास करता… Continue reading नेक उदयसेन

रहस्यमयी गुफा भाग6

भोलू जादू की तलवार पाकर बहुत ही खुश हुआ उसने सोनपरी को जाते वक्त वचन दिया था कि   उसके पिता को छुडा कर ही दम लेगा।वह जादू की तलवार को लेकर सुदूर पहाड़ों को पार करता हुआ चला आ रहा था। रास्ते में  पहाड़ी कंदराओं में उसे वापिस जादू की तलवार लाता देखकर सारे… Continue reading रहस्यमयी गुफा भाग6

रैन बसेरा

11/12/2018 चिड़िया के छोटे से घौंसलें  में रहता था एक परिवार। एक दूसरे से करते थे सभी प्यार।। घोंसले में मिलजुल कर साथ रहते थे। एक दूसरे की सहायता कर सदा सुखी  रहते थे।। चिड़िया के तीन बच्चे थे बड़े हो रहे। वे भी उधर उधर दाना चुग कर जीवनी  यापन कर रहे।। घोंसले में… Continue reading रैन बसेरा

मार्गदर्शक

मैं उस समय छठी कक्षा में पढ़ता था। मैं बचपन की यादों में जब झांकता हूं तो मेरे मानस पटल पर बचपन की यादें तरोताजा हो आती हैं ।मैं उसमें इतना भोला नहीं था जितना शक्ल से दिखाई देता था ।मैं और मेरे दोस्त हमेशा कक्षा में पढ़ने के इलावा शरारतें करने में मशहूर थे… Continue reading मार्गदर्शक

बुझते चिराग

किसी गांव में एक किसान अपनी तीन बेटियों के साथ रहता था। सबसे बड़ी बेटी 10 साल की उस से छोटी 9 साल की और सबसे छोटी 8 साल की थी। किसान की पत्नी हमेशा ही बीमार रहा करती थी।। किसान की पत्नी को पता चल गया था कि वह ज्यादा दिनों तक जिंदा नहीं… Continue reading बुझते चिराग

हीरा

एक छोटे से पहाड़ की तलहटी पर हीरा अपनी माँ रूपा के साथ रहता  था। हीरा भोली मुस्कान लिए जब अपनी माँ की ओर देखता तो उसे हीरा पे बहुत प्यार आता, और फिर उसकी माँ को पता नहीं क्या सूझता वह उसको डांटने लगती कहती कि जल्दी ही अपना काम किया करो।  समय पर… Continue reading हीरा