गाय माता

गाय जगत माता कामधेनु है कहलाती।गाय की सेवा घरों में खुशहाली को बढ़ाती।। धर्म,अर्थ,मोक्ष का आधार है गौ माता।।सकल जग उदधारिणी है गौ माता।समन सकल भव रोग हारिणी है गौ माता।।पृथ्वी पर रहनें वाले जीवों से करती है प्यार।हर प्राणी,जीवों पर इसके हैं असंख्य उपकार।।गाय की सेवा,पालन पोषण करना है धर्म हमारा।इस से बढ़ कर… Continue reading गाय माता

चंदा मामा भाग-२

प्यारे प्यारे चंदा मामा।न्यारे न्यारे चंदा मामा।तुम हो सब के राजदुलारे मामा।मां कहती हैं तुम अपनी किरणों की प्रखरता से सारे जग को चमकाते हो। किरणों की चकाचौंध से सभी के मनों को लुभाते हो।।कभी गोल-मटोल बन कर दिखाते हो।कभी तिरछी कलाओं का जाल दिखाते हो।कभी आधी, कभी पुरी आकृति बनाते हो। आमावस की रात… Continue reading चंदा मामा भाग-२

गोलू की फरियाद

गोलू मां से बोला मां मां मुझे कुछ ढेर सारे महंगे खिलौनें दिला दो ना। मेरे मन की ईच्छा को पूर्ण कर मुझे खुशी दिला दो ना। मां बोली बेटा हर जरूरत की चीज ही तुम्हें दिलवांऊंगी। अपने घर का बजट देखकर ही तुम्हारा कहना पूरा कर पाऊंगी। गोलू बोला मां तू है बड़ी ज्ञानी… Continue reading गोलू की फरियाद