गाय माता

गाय जगत माता कामधेनु है कहलाती।गाय की सेवा घरों में खुशहाली को बढ़ाती।। धर्म,अर्थ,मोक्ष का आधार है गौ माता।।सकल जग उदधारिणी है गौ माता।समन सकल भव रोग हारिणी है गौ माता।।पृथ्वी पर रहनें वाले जीवों से करती है प्यार।हर प्राणी,जीवों पर इसके हैं असंख्य उपकार।।गाय की सेवा,पालन पोषण करना है धर्म हमारा।इस से बढ़ कर… Continue reading गाय माता

थाली में खाना जूठा मत छोड़ो

थाली में खाना जूठा मत छोड़ो। आवश्यकता से अधिक खानें कि आदत से पीछा छोड़ो।। अन्न में होता है अन्न पूर्णा का निवास। जूठन बचाना होता है बर्बादी का वास। अन्न पूर्णा का मत करो अपमान। नहीं तो कोई भी तुम्हारा जग में कभी नहीं करेगा सम्मान।। अपनें छोटे भाई बहनों को भी यह बात… Continue reading थाली में खाना जूठा मत छोड़ो

प्रार्थना

सुबह सवेरे ले कर तेरा नाम प्रभु।करते हैं शुरुआत आज का काम प्रभु।।पढ़ाई में हमेशा ध्यान लगाएं हम।मेहनत से ही अच्छे अंक पाएं हम।मेहनत से ही अच्छे अंक पाएं हम।।सुबह सवेरे ले कर तेरा नाम प्रभु।करते हैं शुरुआत आज का काम प्रभु ।।कक्षा में कभी जी न चुराएं‌ हम।सच्चाई को ही हमेशा अपनाएं हम।सच्चाई को… Continue reading प्रार्थना

चंदा मामा भाग-२

प्यारे प्यारे चंदा मामा।न्यारे न्यारे चंदा मामा।तुम हो सब के राजदुलारे मामा।मां कहती हैं तुम अपनी किरणों की प्रखरता से सारे जग को चमकाते हो। किरणों की चकाचौंध से सभी के मनों को लुभाते हो।।कभी गोल-मटोल बन कर दिखाते हो।कभी तिरछी कलाओं का जाल दिखाते हो।कभी आधी, कभी पुरी आकृति बनाते हो। आमावस की रात… Continue reading चंदा मामा भाग-२

रानी कम्प्यूटर और माऊस

रानी ने कम्प्यूटर चलाने के लिए पावर का बटन दबाया।बटन क्लिक कर के अपने दोस्तों को दिखलाया।।बार बार कोशिश करने पर भी सफल न हो पाई।अपने दोस्तों के सामने विफल हो कर पछताई।। रानी माऊस को उल्ट पुल्ट कर घुमाने लगी।उस पर अपनी भड़ास निकाल कर झल्लानें लगी।। हार कर बोली तुम मुझ से क्यों… Continue reading रानी कम्प्यूटर और माऊस

जीवन का सच्चा ध्येय

जीवन का सच्चा ध्येय यहीसोच विचार कर काम करें सभी।।थमना नहीं,रुकना नहीं,जीवन में तुम कभी थकना नहीं।।"आराम हराम है,काम ही महान है।काम ही महान है"।।जीवन में समय और अनुशासन पालन कर,जीवनका हर क्षण आनन्द ऊठाना।धैर्य,साहस और हिम्मत जुटा ,आगे ही आगे बढ़ते जाना।समस्या, चुनौतियों,और बुरा समय आनें पर भी कभी न तुम डगमगाना।।निराशा छोड़ आशा… Continue reading जीवन का सच्चा ध्येय

राजा बेटा

अमन आते ही मां पर चिल्लाया मां खाना लाओ, खाना नहीं बना है मां अमन से बोली। तुम कोई काम में मेरी मदद क्यों नहीं करते हो? तुम तो बस बैठे बैठे खाना खाना ही जानते हो। हम जब तुम्हारी उम्र के थे तो सारा काम किया करते थे। अमन बोला मां रहने दो अपना… Continue reading राजा बेटा

गुरु तोताराम चिटकू और बरगद का पेड़

सुंदरवन में बहुत सारे जीव जंतु रहते थे। उस घने जंगल में एक नदी के पास बरगद का एक बहुत बड़ा वृक्ष था । वहां पर जंगल के जीव जंतुओं ने अपना सभा स्थल बनायाहुआ था। जंगल में सभा के आयोजन के समय जो भी निर्णय लेते थे वह सभी उस वृक्ष के नीचे ही… Continue reading गुरु तोताराम चिटकू और बरगद का पेड़

वास्तविकता का आभास

सलोनी और नैना दो सहेलियां थी। वह दोनों एक मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखती थी। माता पिता ने उन्हें सभी सुविधाएं दी थी जो कि एक बच्चे को मिलनी चाहिए। वह दोनों दसवीं कक्षा में आ गई थी। उनके माता-पिता ने उन्हें आगे पढ़ने के लिए दूसरे स्कूल में दाखिल करवा दिया। उनके माता पिता… Continue reading वास्तविकता का आभास

खेलखिलाड़ी खेल

खेल खिलाड़ी , खेलखिलाड़ी  खेल खिलाड़ी खेल। मुस्कुराहट के भाव लाकर , बिना संकोच, सहयोग और तालमेल से , मित्रताऔर भाईचारे का समावेश बना,  बिना हिचकिचाहट,बिना घबराहट के सावधानी और धैर्यपूर्वक खेलों में डट  कर  खेलो खेल।। एक दूसरे का हाथ थाम कर ,  मन में नमी उमंग जगा कर सभी को साथ ले कर… Continue reading खेलखिलाड़ी खेल