बल पर न करना कभी अभिमान

बहुत समय पहले क बात सुनाऊं बच्चों एक असुर था बलवान।गजमुखासुर था उसका नाम।धन दौलत का था उसको अभिमान।मन में इच्छा था क उसके सबसे शक्तिशाली बन जाऊं ।देवताओं को भी अपने वश में करके अपने पर इतराऊं ।भगवान शिव को प्रसन्न करने का मन में था ठान लया।राजपाट छोड़ छाड़ कर वन को प्रस्थान… Continue reading बल पर न करना कभी अभिमान

सच्चा साथी चंपु

चंटू बहुत ही प्यारा बच्चा था। वह हर काम को बड़ी होशियारी से करता था। वह रोज अपने साथियों के साथ स्कूल जाता। शाम को स्कूल से आते वक्त वह अपने दोस्त के साथ खूब बातें करता। उसके साथ खूब मौज-मस्ती करता। उसको खाने को भी ले जाता, कभी बिस्कुट, कभी मूंगफली, कभी चने। वहाँ… Continue reading सच्चा साथी चंपु

नदी का बहाव

कृष्णदेव राय के दरबार में एक बूढ़ा मंत्री था। राजा उसे बहुत मानते थे। एक दिन मंत्री ने कहा,“महाराज! अब मेरा मन गाँव जाकर रहने का है।” राजा ने दुखी मन से उसे जाने की अनुमति दे दी। मंत्री के जाने के बाद राजा बहुत उदास रहने लगे। तेनालीराम ने उन्हें समझाने की कोशिश की,… Continue reading नदी का बहाव

करनी का फल

एक छोटे से कस्बे में एक व्यापारी रहा करता था।व्यापार के सिलसिले में उसे दूर-दूर तक जाना पड़ता था।सामान लाने-ले जाने के लिए उसके पास दो टट्टू थे—एक का नाम था कालू और दूसरे का नाम था बालू।दोनों व्यापारी के बहुत पुराने साथी थे। कालू सीधा-सादा और मेहनती था,जबकि बालू थोड़ा स्वार्थी स्वभाव का था।व्यापारी… Continue reading करनी का फल

हम होगें कामयाब

हम होगें कामयाब,हम होगें कामयाब।एक दिन ।मन में है विश्वास पूरा है विश्वास हम होंगें कामयाब एक दिन।। सफलता,विफलता,जय पराजय,शोक हर्ष, सुख दुःख,में सदा ही मुस्कराएंगें।कांटों की चुभन से भी न घबराएंगे। हम होगें कामयाब,हम होगें कामयाब एक दिन।, रुढ़िवादी विचारधारा को हटाएंगें।संकीर्णता को जग से दूर भगाएंगें।कामयाबी पा कर ,एक साथ, मिल कर जश्न… Continue reading हम होगें कामयाब

सबसे बड़ा विद्यालय है परिवार हमारा।

परिवार के सदस्य शिक्षक बन कर संवारते हैं भविष्य हमारा। जिंदगी की पाठशाला में मां शिक्षक बन जाती है। 2 ।जिम्मेदारी का एहसास करा कर , अनुशासन का पाठ सिखाती है।प्यार, दुलार,डांटकर हर बात समझाती है।हर बात समझाती है।गुरु और माता-पिता बन कर सभ्य इंसान बनाती है।माता पिता की छत्रछाया में बच्चे नैतिकता को अपनाते… Continue reading सबसे बड़ा विद्यालय है परिवार हमारा।

नन्हा फ़रिश्ता

प्रकाश अपनी पत्नी के साथ एक छोटे से गांव में रहता था। उसके पास थोड़ी सी जमीन थी । वह रात दिन खेतों में मेहनत करके अपनी पत्नी और बेटे भानु के साथ जीवन व्यतीत कर रहा था । भानु 5 वर्ष का था। वह अपने पिता के साथ,गौशाला को साफ करना, खेतों में पशुओं… Continue reading नन्हा फ़रिश्ता