स्वास्थ्य का मूल आधार

सादा जीवन ,सादा भोजन ,उच्च विचार यही तो है मनुष्य की श्रेष्ठता का आधार । यही कहावत व्यक्ति के  स्वास्थ्य जीवन  जीने का "मूल   यथार्थ"। धन गया,कुछ नहीं गया, चरित्र गया कुछ गया। यदि स्वास्थ्य गया तो सब कुछ गया।। तंदुरुस्ती हजार नियामत। यही तो है जीवन को रखता है सलामत।।  पृथ्वी,जल,अग्नि, वायु और… Continue reading स्वास्थ्य का मूल आधार

अंधविश्वास

एक छोटे से गांव में पारो और उसका पति नत्थू रहता था। उनके एक बेटी थी रानी ।रानी को उसके माता पिता बहुत ही प्यार करते थे। वे उसे पढ़ाना चाहते थे ताकि वह पढ़ लिखकर अपने पैरों पर खड़ा हो सके लेकिन रानी इतने लाड प्यार में पली थी कि वह बात बात पर… Continue reading अंधविश्वास

नया जन्म

रुपाली एक मध्यमवर्गीय मां बाप की बेटी थी। उसने अपनें माता पिता की इच्छा के विरुद्ध अपनें ही कौलिज के एक लड़के को अपना योग्य वर चुना। उसके माता-पिता इस शादी के बहुत खिलाफ थे। इसलिए नहीं कि वह उनकी बिरादरी का नहीं था बल्कि इसलिए क्योंकि उन्हें उस लड़के का चाल चलन और स्वभाव… Continue reading नया जन्म

पिकनिक का भरपूर आनन्द

रजत और रिन्की अपने पापा से पिकनिक पर जाने की कितने दिनों से फरमाइश कर रहे थे? उनके माता-पिता अपने बच्चों की फरमाइश को आगे से आगे टालते जा रहे थे। दोनों बच्चे अपने माता-पिता से गुस्सा थे उसके मम्मी पापा ने उन दोनों को समझाया बेटा पिकनिक पर जाना कोई मामूली काम नहीं होता।… Continue reading पिकनिक का भरपूर आनन्द

प्यार की परिभाषा

मुन्नी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। बहुत ही चंचल बड़ी बड़ी आंखों वाली ,घुंघराले बाल ,तीखे नैन नक्श ।सलवार कुर्ते में बहुत ही खूबसूरत नजर आती थी ।कपड़े सलिके से पहनती थी। पैरों में फटे जूते होते थे मगर साफ चमचमाते।वह हमेशा उन को धोती थी। उसके पिता गरीब थे। दिल के अमीर थे।… Continue reading प्यार की परिभाषा

जीवन का सच्चा ध्येय

जीवन का सच्चा ध्येय यहीसोच विचार कर काम करें सभी।।थमना नहीं,रुकना नहीं,जीवन में तुम कभी थकना नहीं।।"आराम हराम है,काम ही महान है।काम ही महान है"।।जीवन में समय और अनुशासन पालन कर,जीवनका हर क्षण आनन्द ऊठाना।धैर्य,साहस और हिम्मत जुटा ,आगे ही आगे बढ़ते जाना।समस्या, चुनौतियों,और बुरा समय आनें पर भी कभी न तुम डगमगाना।।निराशा छोड़ आशा… Continue reading जीवन का सच्चा ध्येय

स्वप्न से सुन्दर भारत

स्वप्न से सुन्दर भारत एक नए भारत का निर्माण कर सपनों से भी सुंदर बनाना है।उसकी छवि को महका कर और भी कामयाब बनाना है ।।आज जरूरत है ऐसी सकारात्मक सोच कीजो हर व्यक्ति के मन को ऊर्जा से भर दे।नकारात्मकता को छोड़कर सकारात्मकता की ओर मोड़ दे ।।धैर्य साहस और विवेक को मन में… Continue reading स्वप्न से सुन्दर भारत

पावन हो उत्कर्ष हमारा प्रार्थना

हाथ जोड़ कर हम खड़े,प्रभु स्वीकार करो प्रार्थना।आए हैं हम तेरे द्वारे करनें सच्ची अराधना।। नेक राह पर चल कर सदा मुस्कुराएं हम।निंदा,बुराई,छल को त्याग कर सत्य की राह अपनाएं हम।। शांति और पवित्रता का ध्यान मन में जगाएं हम।कुविचारों को त्याग कर संन्मार्ग पर खुशी से चल पाएं हम।। हाथ जोड़ कर हम खड़े… Continue reading पावन हो उत्कर्ष हमारा प्रार्थना

राजा बेटा

अमन आते ही मां पर चिल्लाया मां खाना लाओ, खाना नहीं बना है मां अमन से बोली। तुम कोई काम में मेरी मदद क्यों नहीं करते हो? तुम तो बस बैठे बैठे खाना खाना ही जानते हो। हम जब तुम्हारी उम्र के थे तो सारा काम किया करते थे। अमन बोला मां रहने दो अपना… Continue reading राजा बेटा

गुरु तोताराम चिटकू और बरगद का पेड़

सुंदरवन में बहुत सारे जीव जंतु रहते थे। उस घने जंगल में एक नदी के पास बरगद का एक बहुत बड़ा वृक्ष था । वहां पर जंगल के जीव जंतुओं ने अपना सभा स्थल बनायाहुआ था। जंगल में सभा के आयोजन के समय जो भी निर्णय लेते थे वह सभी उस वृक्ष के नीचे ही… Continue reading गुरु तोताराम चिटकू और बरगद का पेड़