रहस्यमयी गुफा भाग (5)

भोलू नदियों  पहाड़ों को पार करता हुआ जा रहा था। एक घने जंगल से गुज़र रहा था तभी उसने अपने पीछे पीछे आते हुए कुछ डाकूओं को देखा। वह भोलू पर प्रहार करने ही वाले थे कि उसनें जादू का जूता पहन कर  दौड़ लगाई। डाकू भोलू का कुछ नहीं  बिगाड़ पाए। वह बहुत ही… Continue reading रहस्यमयी गुफा भाग (5)

पियक्कड़, गप्पी और सेठ

एक छोटा सा गांव था बेलापुर। गांव का नाम बेलापुर इसलिए रखा था क्योंकि पुराने समय में उस गांव में सब्जियां भरपूर मात्रा में ऊगती थी। वहां पर चारों ओर बेलें  ही बेलें नजर आती थी। हर आने-जाने वाले लोग उन बेलों को देखकर हैरान रह जाते थे। उस छोटे से गांव में एक गप्पी… Continue reading पियक्कड़, गप्पी और सेठ

रोहितांश का संघर्ष

कक्षा की घंटी जैसी ही बजे राहुल ने देखा उसकी कक्षा में आज एक नया छात्र दाखिल हुआ था सभी बच्चे कक्षा में पढ़ने में मग्न थे तभी उसकी कक्षा अध्यापिका ने राहुल को कहा राहुल रोहितांश आज तुम्हारे साथ बैठेगा वह आज स्कूल में पढ़ने के लिए आया है रोहितांश के माता पिता उसके… Continue reading रोहितांश का संघर्ष

भोलू पन्डित

किसी गांव में एक बुढ़िया रहती थी उसके एक ही बेटा था उसका नाम था भोलू ।भोलू पढ़ने लिखने में ध्यान नहीं देता था।   वह  किसी की बात ध्यान से   नहीं सुनता था ।अपना काम भी ठीक ढंग से नहीं करता था इसलिए सभी उसे बुद्धू कहकर पुकारते थे।  उसकी मां अपने बेटे के सिर… Continue reading भोलू पन्डित

नसीहत

नंदन वन में बहुत सारे जानवर रहते थे। उस वन में पीपल के पेड़ पर दो चिड़िया रहती थी बिन्नी और चिन्नी। वे दोनों पक्की सहेलियां थी। उन दोनों के दो नन्हे नन्हे बच्चे थे,चन्गु मंगु टप्पू गप्पू ।  नंदनवन के पास ही एक स्कूल था। उसमें  वन में रहने वाले जीव जंतुओं के बच्चे… Continue reading नसीहत

कब क्यों और कैसे

 तीन दोस्त थे अंकित अरुण और आरभ। तीनों साथ-साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। वह तीनों 12वीं की परीक्षा के बाद पढ़ाई भी कर रहे थे। और नौकरी  ढूंढने का पर्यास भी कर रहे थे। उनके माता पिता चाहते थे कि वे नौकरी करके हमारा भी सहारा बने। अंकित अरुण और आरभ तीनों मध्यम वर्गीय… Continue reading कब क्यों और कैसे

रहस्यमयी गुफा भाग(4)

गोलू ने अपने दोस्त को कहा कि वह काला नकाबपोश आदमी राजा का पता करता हुआ राजा के महल की ओर गया है। भोलू बोला कि तुम पता लगाकर आओ कि वो राजा के महल में जाकर क्या करता है? तुम वहीँ मेरा इंतजार करना मैं अपने माता पिता को जल्दी ही राजा के महल… Continue reading रहस्यमयी गुफा भाग(4)

चिन्टू का कमरा

किसी पहाड़ी की तलहटी पर एक छोटा सा गांव था। उसमें बिहारी बाबू अपनी पत्नी  निर्मला और दो बच्चों के साथ रहते थे। बीनू बड़ी थी और चीनू छोटा था। चीनू छोटा होने के कारण घर में सबका लाडला था। मां बाप ने उसको इस कदर बिगाड़ दिया था कि वह हर काम को करने… Continue reading चिन्टू का कमरा

संस्कार

मान्या 12वीं कक्षा की छात्रा थी। वह दौड़ते दौड़ते अपने पापा के पास आकर बोली पापा पापा। उसके पापा उसे हैरान होकर देख रहे थे। वह बोली पापा मैं आपसे कुछ कहना चाहती हूं। वह बोले बेटी बोलो। क्या कहना चाहती हो? , वह बोली पापा हमारे पास सब कुछ है। मैं चाहती हूं आप… Continue reading संस्कार

छोटी सी दुनिया

आज भी रोशनी ऑफिस में अपने से निचले वर्ग  के कर्मचारियों पर  रौब झाड़ रही थी। रोशनी ने झुमकी को डांटते हुए कहा कि साहब के कमरे में ठीक ढंग से झाड़ू लगाया करो। यह क्या साहब की मेज पर तो चारों तरफ धूल ही धूल है। उसे भी साफ कर दिया कर। रुपए किस… Continue reading छोटी सी दुनिया