होली के रंग

          होली के रंग 11/3/22            आओ बच्चों  एक साथ   होली मनाएं। एक साथ मिल बांट कर गुलाल लगाएं ।। होली के रंग में रंग कर ,सभी को लुभाएं। अपनों के संग गुझिया और मिठाई मिल-बांट कर खाएं ।। मां,दादी,नानी के जायकेदार पकवानों को खा कर खुब लुत्फ उठाएं। दोस्तों, रिश्तेदारों के संग खुशियां मना… Continue reading होली के रंग

घूमने निकली मैं

निकली मैं शाम को बाग में, मैं शाम को बाग में घुमनें निकली।।चमक रही थी सूरज कि किरणें।सूरज कि किरणें थी चमक रही।।हंसी एकाएक जोर से।जोर से यकायक हंसी।मुझे गिलहरी एक दिखी, बाग के एक ओर।बाग के एक ओर एक गिलहरी दिखीथी बैठी तार का सहारा ले कर।तार का सहारा ले कर थी बैठी।हंसी यकायक… Continue reading घूमने निकली मैं

मेरी लाड़ली बहना

 सुन्दरता की पहचान हो। भोली सूरत और ममता की खान हो ।। करुणा,दया और ममता कि साक्षात मिसाल हो। चिन्तनशीलता और गुणों की बेमिसाल हो ।। सोच समझ से हर काम को करती हो । अपनों से दिलोजान से मोहब्बत करती हो।। आप से बढ़ कर कोई नहीं है सानी।। आप तो सभी से हो… Continue reading मेरी लाड़ली बहना

परमार्थ

मिट्टी का माधो बनकर तू एक दिन रह जाएगा।  बुराइयों के दलदल में पड़ कर बचाखुचा समय यूं व्यर्थ गंवाएगा।। मानव जीवन है अनमोल।  सच्चाई से बढ़कर नहीं है इसका तोल।।  झूठ के बल पर तू कब तक मुकाम हासिल कर पाएगा?।  जिंदगी में सदा अकेला होकर फिर तू पछताएगा ।  जीवन में जिन को… Continue reading परमार्थ

मधुर वचन

कुटिल वचन न बोलिए, जो सब का मन दुखाए। मीठे वचन अति लुभावने। जो सब को  सुहाए।। गोविन्द गोविन्द रटते रहो,जब तक मुंह में जुबान। भवसागर से तर जाएगा जब निकलेंगें प्राण।। माया है सब से बुरी,इससे हमेशा रखो दुरी। प्यार,ममता,स्नेह और विश्वास से प्रभु की पकड़े रखो डोरी।। विवेक से उत्पन्न होए प्रेम की… Continue reading मधुर वचन

रानी कम्प्यूटर और माऊस

रानी ने कम्प्यूटर चलाने के लिए पावर का बटन दबाया।बटन क्लिक कर के अपने दोस्तों को दिखलाया।।बार बार कोशिश करने पर भी सफल न हो पाई।अपने दोस्तों के सामने विफल हो कर पछताई।। रानी माऊस को उल्ट पुल्ट कर घुमाने लगी।उस पर अपनी भड़ास निकाल कर झल्लानें लगी।। हार कर बोली तुम मुझ से क्यों… Continue reading रानी कम्प्यूटर और माऊस

क्षमादान

राजू एक बहुत ही शरारती बच्चा था। वह हमेशा शरारती करने में माहिर था कहीं भी कुछ भी देखता वहां पर तोड़फोड़ करना उसकी आदत बन गया था। रास्ते में चलते हुए कभी पक्षियों पर पत्थर फेंकता, कभी रास्ते में से जो भी ग्रामीण गुजरता या औरतें चलती हुई नजर आती उनकी मटकी फोड़ देता… Continue reading क्षमादान

होनहार रामू

बहुत समय पहले की बात है कि एक जुलाहा था। वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ खुशी-खुशी समय व्यतीत कर रहा था। जुलाहा सूत कात कात कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। एक दिन जुलाहे का हाथ सूत कातने वाली मशीन में फंस गया। डॉक्टरों ने कहा कि उसके… Continue reading होनहार रामू

“दूध का दूध पानी का पानी”

राम प्रसाद नें अपनी तीनों बेटियों की शादी की एक ही शहर में की थी ताकि तीनों वक्त पड़ने पर एक दूसरे के काम आ सके ।उनके पिता नें मरते वक्त अपनी बेटीयों को शिक्षा दी थी कि हर हाल में एक दूसरे की सहायता करनी है। वह अपनी बच्चीयों को खुश देख कर बहुत… Continue reading “दूध का दूध पानी का पानी”

शिक्षा का महत्व भाग 3

ज्ञान तो है अनमोल खजाना। उपलब्धियों का भंडार  सुहाना।। ज्ञान से बढ़ कर नहीं  कोई सानी। इसकि  कीमत  न किस नें जानी।। ज्ञान तो  है अनमोल। इसकी कीमत बेजोड़।। हीरे मोती से ज्यादा कीमती है ज्ञान। इसको अर्जित कर व्यक्ति बनता है महान।। विद्या है व्यक्ति का सर्वश्रेष्ठ सम्मान। चोर भी चुरा कर नहीं कर… Continue reading शिक्षा का महत्व भाग 3