बल पर न करना कभी अभिमान

बहुत समय पहले क बात सुनाऊं बच्चों एक असुर था बलवान।गजमुखासुर था उसका नाम।धन दौलत का था उसको अभिमान।मन में इच्छा था क उसके सबसे शक्तिशाली बन जाऊं ।देवताओं को भी अपने वश में करके अपने पर इतराऊं ।भगवान शिव को प्रसन्न करने का मन में था ठान लया।राजपाट छोड़ छाड़ कर वन को प्रस्थान… Continue reading बल पर न करना कभी अभिमान

सच्चा साथी चंपु

चंटू बहुत ही प्यारा बच्चा था। वह हर काम को बड़ी होशियारी से करता था। वह रोज अपने साथियों के साथ स्कूल जाता। शाम को स्कूल से आते वक्त वह अपने दोस्त के साथ खूब बातें करता। उसके साथ खूब मौज-मस्ती करता। उसको खाने को भी ले जाता, कभी बिस्कुट, कभी मूंगफली, कभी चने। वहाँ… Continue reading सच्चा साथी चंपु

मुन्नी और टुन्नी की तकरार

एक थी बिल्ली मुन्नी रानी।दूजी थी एक टुन्नी रानी।।दोनों ने की मिलकर चोरी।लाई कहीं से एक कचौरी।।मुन्नी कहती सारी लूंगी।टुन्नी कहती आधी दूंगी।। दोनों में फिर हुई लड़ाई।हाथापाई मार कुटाई।।देख रहा था दूर से बंदर।नटखट पूरा एक मछंदर। मौका पाकर दौड़ा आया।मुन्नी चुन्नी को धमकाया।।हाथा पाई में बन्दर नें लाभ उठाया।कचौरी को चटकारे लगा कर… Continue reading मुन्नी और टुन्नी की तकरार

जैसे को तैसा

भाई और बहना का एक दिन हुआ मनमुटाव।दोनों का आपस में था बहुत ही जुड़ाव।। बहना ने सोचा, भाई मुझे मनाने आएगा।कब तक वह मुझसे पीछा छुड़ाएगा? भाई ने रसोई से बर्फी और मिठाई का डिब्बा उठाया।खूब चटकारे लगा-लगा के मिठाई का किया सफाया।। बहना दौड़ी-दौड़ी आई और भाई पर चिल्लाई। बर्फी और मिठाई जो… Continue reading जैसे को तैसा

नदी का बहाव

कृष्णदेव राय के दरबार में एक बूढ़ा मंत्री था। राजा उसे बहुत मानते थे। एक दिन मंत्री ने कहा,“महाराज! अब मेरा मन गाँव जाकर रहने का है।” राजा ने दुखी मन से उसे जाने की अनुमति दे दी। मंत्री के जाने के बाद राजा बहुत उदास रहने लगे। तेनालीराम ने उन्हें समझाने की कोशिश की,… Continue reading नदी का बहाव

करनी का फल

एक छोटे से कस्बे में एक व्यापारी रहा करता था।व्यापार के सिलसिले में उसे दूर-दूर तक जाना पड़ता था।सामान लाने-ले जाने के लिए उसके पास दो टट्टू थे—एक का नाम था कालू और दूसरे का नाम था बालू।दोनों व्यापारी के बहुत पुराने साथी थे। कालू सीधा-सादा और मेहनती था,जबकि बालू थोड़ा स्वार्थी स्वभाव का था।व्यापारी… Continue reading करनी का फल

लड़का लड़की एक समान

लड़का लड़की एक समान।दोनों हैं घर की आन,बान और शान।।माता पिता उन पर छिड़कते हैं जान।।लड़की बिना जीवन अधूरा।लड़की के आनें से वह होता है पूरा।।लड़का भी होता है घर का दुलारा।बहन के आ जानें से वह बन जाता है और भी प्यारा।।नर के अभाव में नारी भी है अपूर्ण।नर के साथ नारी भी है… Continue reading लड़का लड़की एक समान