नदी की कलकल धारा

नदी की बहती कलकल धारा। प्रकृति की छटा का अद्भूत नज़ारा वो तृषित धरा की प्यास बुझाती  नदियाँ। मन के  उथल पुथल भावों को निर्मल करती नदियाँ।। शान्त और तेज रफ्तार से बहती नदियाँ । दूर दूर से हर आने जानें राहगीरों की प्यास  और थकान को शान्त करती नदियाँ।। अलग अलग धारा में बहनें… Continue reading नदी की कलकल धारा

एहसास

स्कूल की घंटी जैसे ही बजी सभी बच्चे अपनी अपनी कक्षाओं में भागे। मैडम अंजली बच्चों को कक्षा में समय पर ना आने के लिए हमेशा डांट दिया करती थी। उन  अध्यापिका से सभी बच्चे डरते थे।  जब भी वह कक्षा में आती शांत सा वातावरण कक्षा में छा जाता। उन का खौफनाक चेहरा बच्चों… Continue reading एहसास

राजा और रंक

बहुत पुरानी बात है एक भिखारी रास्ते से चला जा रहा था।वह रोज  घने जंगल को पार करके किसी ना किसी घर से भिक्षा मांग कर अपना गुजारा करता था। थोड़ा बहुत हेरफेर करके जो कुछ कमाता उससे अपना पेट भरता था। आज भी  जब वह भीख मांग कर घर को  वापस आ रहा था… Continue reading राजा और रंक

चीकू और मीकु की दोस्ती

किसी जंगल में एक शेर और शेरनी रहते थे वे दोनों पति-पत्नी शिकार करने जाते और जो कुछ मिलता वह अपने बच्चों के साथ मिल बांट कर खाते थे। एक दिन शेर शेरनी दोनों जंगल में शिकार करने निकले वहां पर उन्होंने आकर तेज तेज भागते हुए हाथी के बच्चे को देखा। वे उसे देखकर… Continue reading चीकू और मीकु की दोस्ती

नव वर्ष की नई चेतना

नए वर्ष की नई चेतना यह संदेशा लाई है। नए सपनों को नई सोच को उजागर करने का न्योता लेकर आई है।। नई वर्ष की नई उमंगे नई खुशियां लेकर आई है। अपने वतन की खातिर अपना कर्तव्य निभाने को उजागर हो आई है।। नई भोर की नई बेला हमें यह सिखाने आई है। छोड़ो… Continue reading नव वर्ष की नई चेतना

बंदर आया (कविता)

बंदर आया बंदर आया। पेड़ो पर उछल कूद कर सारा घर सिर पर उठाया। पेड़ पर चढ़कर इधर उधर इठलाया।। छज्जों पर हर जगह चढ़कर करता  शैतानी। हर जगह धूम चौकड़ी मचा कर करता अपनी मनमानी।। खो खो करता बंदर आया। हर आने जाने वाले राहगीरों को डराया।। नकल करता बंदर आया, बंदर आया। पेड़ों … Continue reading बंदर आया (कविता)

शिब्बू

शिब्बू एक भोला भाला और मासूम सा बालक था ।बचपन से ही उसके माता-पिता उसे इस संसार से अलविदा कह चुके थ।े वह अपने चाचा चाची जी के यहां रहने लगा था ।चाची उसे अपने घर में नहीं रखना चाहती थी ।चाची ने यहां तक कह दिया था कि उसे अनाथ आश्रम छोड़ आते हैं… Continue reading शिब्बू

साहसी शिब्बू

शिब्बू जल्दी में स्कूल जा रहा था। शिब्बू को स्कूल पहुंचने में देर हो गई थी। स्कूल में निरीक्षक महोदय आए हुए थे। वह थोड़ा देर से स्कूल पहुंचा था। मैडम ने उस को कहा देर से आने वाले बच्चे बेंच पर खड़े हो जाओ अधीक्षक महोदय उस के पास आए बोले तुम्हें देर कैसे… Continue reading साहसी शिब्बू

बुरे काम का बुरा नतीजा

एक छोटे से गांव में एक ग्वाला और ग्वालिन रहते थे। ग्वालिन गांव में दूध बेचकर अपना भरण पोषण करती थी। ग्वालिन अपना काम बहुत ही अच्छे तरीके से किया करती थी। उसका पति उसके स्वभाव के बिल्कुल विपरीत था। वह जो कुछ   मेहनत से  कमाती उसका पति उसकी मेहनत को बेकार कर देता था।… Continue reading बुरे काम का बुरा नतीजा

पानी का महत्व (कविता)

जल है जीवन का आधार। यूं न करो इसे बेकार।। जल से ही है जीवन सबका। यह  न मिले तो मरण है सबका।। 97.5जल है खारा। स्वच्छ जल2. 5%है न्यारा।। बच्चे बूढे सभी को पानी की उपयोगिता को समझाओ। पानी को कम खर्च कर के  बिजली की उर्जा को बचाओ।। एक एक बूंद को व्यर्थ… Continue reading पानी का महत्व (कविता)