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(अब पछतावे होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत)

किसी गांव में रोशनी नाम की एक औरत रहती थी ।वह भिक्षा मांग मांगकर अपना जीवन यापन कर रही थी। वह बहुत ही आलसी थी। वह कभी भी नहीं सोचती थी कि मेहनत करके भी वह अपना पेट भर सकती है। गांव के लोग उसे कहते थे कि तुम्हें भगवान ने काम करने के लिए… Continue reading (अब पछतावे होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत)

बांकू और कालू

किसी जंगल में  हिरणों का  झुंड रहता था। उन हिरणों  के झून्डों में से दो हिरण  एक दूसरे के बहुत ही गहरे मित्र थे। एक का नाम था कालू और दूसरे का नाम था बांकू। बांकू और कालू की दोस्ती देखकर सारे हिरणो को ईर्ष्या होती थी। वह चाहते थे कि इन दोनों की दोस्ती… Continue reading बांकू और कालू

(शेरु और वीरु की दोस्ती)

शेरु अपनें  मालिक संग एक छोटे से घर में था रहता। अपने मालिक के संग रहकर खूब आनंद  से था  जीया  करता।। शेरू हरदम अपने मालिक के आगे पीछे दुम हिलाता जाता था। उसका मालिक भी उसे देखकर प्रसन्नता से फूला नहीं समाता  था शेरु था बहुत ही होशियार। उस से बढ़कर कोई नहीं था… Continue reading (शेरु और वीरु की दोस्ती)

जन्म दिन का उपहार

निक्कू आज बेहद खुश था। क्योंकि आज 23 मार्च को उसका जन्मदिन आने वाला था। वह अपने जन्मदिन के उपहार का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहा था। आज उसके मम्मी पापा ने देखा उनका बेटा खुश नजर नहीं आ रहा था इससे पहले कि वह उनसे कुछ कहे  वही बोल पड़े बेटा क्या बात… Continue reading जन्म दिन का उपहार

जल का महत्व

नल को यूं ना खुला छोड़ो।। जल से अपना नाता जोड़ो। जल की उपयोगिता सब को समझाओ। यूं ना एक बूंद बूंद को व्यर्थ  गंवाओ। जल है जीवन का आधार। यूं न करो इसे बेकार।। घर की फुलवारी का बहते पानी की नाली से नाता जोड़ो।। पानी की बूंद बूंद को यूं ना बहता छोड़ो।… Continue reading जल का महत्व

अनोखा मिलन

अनोखा मिलन आज होली का दिन था ।सभी बच्चे अपने घरों में होली खेल रहे थे। नन्हा सा रौनित भी होली खेलना चाहता था पर उसकी मां उसे कभी होली खेलने नहीं भेजती थी। रौनित का दिल करता कि वह भी पानी से भरी बाल्टी में पिचकारी से रंग खेले, परंतु उसकी मां ने उसे… Continue reading अनोखा मिलन

(होली का त्योहार)

होली त्योहार है उल्लास के रंगों में  सराबोर  होने का। खुशियों और उमंगो का। होली त्यौहार है रागदैष को भुलाकर एक दूसरे के गले मिलने का। यह त्योहार है एकता और भाईचारे का। बुराई अंह कार और नकारात्मक रूपी राक्षस को जलाने का। निरसता को दूर करने का। एक दूसरे के रीति-रिवाज को अपनाने का।… Continue reading (होली का त्योहार)

(आज का काम कल पर मत छोड़ो)

आज का काम कल पर मत छोड़ो। अपनी इस आदत को जल्दी बदल डालो।। कल कल करते करते आज कभी नहीं आएगा। अरे! मानव इस भाग दौड़ में तू हमेशा पीछे छूट जाएगा।। जिंदगी में कुछ करना चाहते हो तो हवाई किले बनाना बंद करो। कुछ नया करके उत्साह के साथ आगे बढ़ो।। दृढ निष्ठा… Continue reading (आज का काम कल पर मत छोड़ो)

(लौट के बुद्दधू घर को आए)

एक गांव में एक विद्वान पंडित रहा करता था। नदी के किनारे पर उसने अपना घर बनाया हुआ था। अपने हाथों से काम करने में  पंडित को बहुत ही मजा आता था। हर रोज नित्य क्रम से निवृत  हो कर अपने खेतों में हल चलाता और सारे काम  स्वयं किया करता था। उसने अपने घर… Continue reading (लौट के बुद्दधू घर को आए)

सैनिकों के प्रति श्रद्धांजलि

कौन कहता है कि मां आपका लाल युद्ध भूमि में मारा गया। वह तो आपके दूध का कर्ज चुकाता  शहीद हुआ।। वह रण बांकुरा आपका गुदड़ी का लाल था। वह रण बांकुरा आप की आन बान और शान था। अपने देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाता शहीद हुआ। अपना खून बहा कर वीरगति को प्राप्त… Continue reading सैनिकों के प्रति श्रद्धांजलि