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दोस्ती का अनुभव

दो दोस्त थे पंकज और विवेक।  आस पास के कस्बे में ही रहा करते थे। वे दोनों पक्के दोस्त थे। उनका घर  एक दूसरे के घर के समीप ही था। विवेक सुशील स्वभाव का था और पंकज थोड़ा चंचल स्वभाव का था। विवेक भोला भाला था। स्कूल में चुप चुप रहता था। उसके पापा ने… Continue reading दोस्ती का अनुभव

बेटियां

बेटियों से संसार में बहार होती है। बेटियां तो जहां की दिलदार होती हैं।। बेटियों से ही  घर की शोभा महकती है। बेटियां तो रुतबा शोहरत और तख्तो-ताज की हकदार होती है।। बचपन में मां-बाप की दहलीज पर पली। युवा होने तक उन से महकी जीवन की हरकली।। बेटियां तो खुशी का एक लम्हा होती… Continue reading बेटियां

खुशी से झुमें गाएं

खुशी से झुमें गाएं आओ एक ऐसा घर बनाएं। जहां हमेशा खुशी से झूमे गाएं। जहां खुशियां ही खुशियां हो। अपनों के चेहरे पर कभी ना सिसकियां हो।। बच्चे कभी ना करें आपस में लड़ाई। मिल बांट कर खाने की रौनक उनके चेहरों पर हमेंशा दे  दिखाई।। घर के वातावरण में ना कड़वाहट हो। हर… Continue reading खुशी से झुमें गाएं

प्रकृति की मूल्यवान धरोहर उजड़ते वन

एक किसान था वह बहुत ही गरीब था। वह  एक दिन  सोचने लगा। कि क्यों ना मैं भी अमीर बन जाऊं? जिससे मेरा जीवन सार्थक बन जाए। वह अपने घर में बैठा-बैठा योजना बनाने लगा ऐसा मैं क्या करूं? जिससे मेरा सारा जीवन आराम से कटे। वह सपनों की साकार दुनिया में ही हिलोरे खाने… Continue reading प्रकृति की मूल्यवान धरोहर उजड़ते वन

नन्हें हाथों का कमाल

एक दिन रिया घर में लगी थी चित्र बनाने। चित्र में रंग भर भर कर लगी थी उसे सजाने।। छोटी टिया ने आकर चित्र बनाने का मजा किरकिरा कर दिया। उसकी रही सही मेहनत पर पानी फिरा दिया।। टीया अपनी बहना को उदास देखकर लगी उसे मनाने। कान पकड़ पकड़ कर हाथ जोड़कर लगी उसे… Continue reading नन्हें हाथों का कमाल

नये युग का आह्वान करें हम

नए युग का आह्वान कर कदम से कदम मिला कर चलें हम। जन मानस में परिवर्तन कर उनकी खोई खुशियां लौटा सके हम।। ईश्वर की इच्छा में अपनी इच्छा मिला कर चले हम। नव युग के अनुरुप अपने को अनुकूल बना लें हम।। आंधी तुफानों से टकरानें की अपेक्षा समय रहते अपने को झुका लें… Continue reading नये युग का आह्वान करें हम

नशा नाश का दूजा नाम

नशा नाश का दूजा नाम। घर की बर्बादी है इसका काम।। नशे से अपनें बच्चों को बचाना। तुम उन्हें प्यार से समझा कर होश में लाना।। इससे जग में तो होगी ही जग हंसाई। अपनी रही सही इज्जत भी समझो तुम ने गंवाई।। नशे की आदत से बचो दुनिया वालों। अभी भी वक्त है संभल… Continue reading नशा नाश का दूजा नाम

आज का काम कल पर मत छोड़ो

आज का काम कल पर मत छोड़ो। अपनी इस आदत को जल्दी बदल डालो।। कल कल करते करते आज कभी नहीं आएगा। अरे! मानव इस भाग दौड़ में तू हमेशा पीछे छूट जाएगा।। जिंदगी में कुछ करना चाहते हो तो हवाई किले बनाना बंद करो। कुछ नया करके उत्साह के साथ आगे बढ़ो।। दृढ निष्ठा… Continue reading आज का काम कल पर मत छोड़ो

आओ पर्यावरण दिवस पर करें हम परोपकार

आओ पर्यावरण दिवस पर करें हम परोपकार। एक नहीं दस दस वृक्ष लगा कर देश का करे उद्धार। वृक्ष है जन जन की  मूल्यवान संपत्ति। यह  व्यक्ति  में खुशहाली और समृद्धि   को  है दर्शाती। पर्यावरण संतुलन  पर संकल्प ले कर हर बच्चा इस पर  करो  विचार।। पर्यावरण से पैदा होने वाली विभीषिका  के मूल पर… Continue reading आओ पर्यावरण दिवस पर करें हम परोपकार

धरती की मूल्यवान धरोहर भाग 2

नंदलाल अपना परीक्षा परिणाम जानने के लिए स्कूल गया था। उसका बारहवीं कक्षा का परिणाम आने वाला था। वह मन ही मन सोच रहा था कि हे भगवान इस बार तो मुझे पास कर ही दो। यह पढ़ाई वढ़ाई मेरे बस की बात नहीं। बस इंटरव्यू देकर कहीं नौकरी कर लूंगा। उसको पढ़ने का शौक… Continue reading धरती की मूल्यवान धरोहर भाग 2