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इन्टरनेट का उपयोग

समाज में सूचनाओं को संप्रेषित करता है इंटरनेट। ज्ञान के प्रसारण में अहम भूमिका निभाता है इंटरनेट।। जो इसका  पालन  है करता। वह दूर बैठे बैठे ही अपने परिजनों से है मिल पाता।। यह एक आधुनिक युग की है जान। नई पीढ़ी की टेक्नोलॉजी की शान।। इसके अत्यधिक इस्तेमाल से लोगों का आपसी संपर्क कम… Continue reading इन्टरनेट का उपयोग

मेराघर

मेरा घर जगमग करता। सुंदर आकर्षक और साफसुथरा दिखता। मेरे मन के हर दर्पण को मोहित करता।। घर में दस कमरे हैं और एक है हॉल। जिस में हमेशा पढ़ाई करने का सदा रहता है माहौल।। खुली खुली खिड़कियां और एक है बाल्कनी। सुबह सुबह बाहर की ताजी हवा है आती और मेरे मन की… Continue reading मेराघर

बेटी बचाओ बेटी पढाओ

बेटियों को पढ़ाना है मकसद हमारा। यही तो जीवन का यथार्थ है हमारा।। कब तक अपने जीवन को दिलासा देते रहेंगे। एक बेटे की तमन्ना में सब कुछ खोते रहेंगे।। बेटियों को पढ़ाओगे तभी खुशहाल बन पाओगे। दूसरों की बातों में ना आकर उनका भविष्य संवार पाओगे।। बेटियाँ तो अपने घर की नींव को ऊंचाइयों… Continue reading बेटी बचाओ बेटी पढाओ

गुमराह

नूपुर और रिमझिम के माता पिता का तबादला एक छोटे से कस्बे में हुआ था। दोनों ही बहुत ही नटखट थीं। अपने माता पिता की नाक में दम कर रखती थी। इसका कारण था दादी का भरपूर स्नेह। दादी के भरपूर स्नेह देने के कारण नूपुर और रिमझिम घर में किसी को भी कुछ नहीं… Continue reading गुमराह

स्कूल बस्ते का बोझ

रामू जैसे ही स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था और मन में सोच रहा था  आज  वह  देरी से स्कूल पहुंचा तो स्कूल में उसकी पिटाई होगी। उसे स्कूल की प्रार्थना सभा में अलग से डैक्स पर खड़ा कर दिया जाएगा और सारा दिन तपती दोपहरी में एक-दो घंटे खड़ा रखा जाएगा। जल्दी से… Continue reading स्कूल बस्ते का बोझ

वन हैं धरती मां की शान(कविता)

वन है धरती मां की शान और धरती मां की जान। इस को काट कर तुम न करो धरती मां का अपमान।। वनों को बचा कर, अपने जीवन को सफल बनाओ। एक की जगह दस- दस पेड़ लगा कर अपनी डूबती नैया को पार लगाओ।। वनों की लकड़ियों से दवाईयां भी है बनती। इनमें से… Continue reading वन हैं धरती मां की शान(कविता)

बालदिवस(कविता)

  सूर्य से तेजवान चेहरे वाले। चंद्रमा की तरह शीतलता देने वाले।। गुलाब से सुसज्जित कोट वाले। रोबीले  चेहरे और गुणों वाले।। देश के युवाओं की आन थे  नेहरू। युगो युगो की शान थे नेहरू।। नन्हे-मुन्ने बच्चों की शान थे नेहरू। बच्चों के प्यारे चाचा कहलाने वाले, एक   आकर्षक व्यक्तित्व की पहचान थे नेहरू।। भारत… Continue reading बालदिवस(कविता)

आलस्य(कविता)

  जीवन शैली का एक विकार है आलस्य । मनुष्य  का निकटवर्ती शत्रु है आलस्य।। सुबह का अमूल्य समय  जो सो कर   हैं गंवाते। वह जीवन में कभी भी तरक्की की सीढी नहीं चढ़ पाते।। अपना समय  निरर्थक बातों में जो हैं गंवाते। अस्त व्यस्त दिनचर्या के कारण किसी भी काम को फुर्ती के साथ… Continue reading आलस्य(कविता)