मिल कर कदम बढाना होगा। नशे की प्रवृति से अपनें बच्चों को छुटकारा दिलवाना होगा।। नशे की प्रवृति है घातक। यह घर घर कि बर्बादी का है द्योतक।। मादक पदार्थों से मूल्यवान है हमारी युवा पीढ़ी । बच्चों में दृढ़ निश्चय और विवेक से अच्छे संस्कार जगा कर सुधारना कामयाबी की है सीढ़ी।। बीड़ी सिगरेट… Continue reading नशे की प्रवृत्ति है घातक
Month: May 2020
प्रथम पाठशाला परिवार
सबसे बड़ा विद्यालय है परिवार हमारा । परिवार के सदस्य शिक्षक बनकर संवारतें हैं भविष्य हमारा जिंदगी की पाठशाला में माता शिक्षक है बन जाती । प्यार दुलार व डांट फटकार लगाकर हर बात है समझाती ।। जिम्मेदारी का अहसास ,अनुशासन का पाठ, सम्मान का पाठ भी है सिखलाती। गुरु व माता बनकर अच्छे संस्कारों… Continue reading प्रथम पाठशाला परिवार
अध्यापिका के प्रश्न
रज्जू हमेशा की तरह स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था तभी उसकी मां नें रज्जू को आवाज लगाई बेटा जल्दी नाश्ता कर लो ।स्कूल के लिए देरी हो जाएगी ।वह बोला मां मुझे स्कूल नहीं जाना है ।मुझे वहां बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता।पारो बोली, बेटा तू पढ़ाई के बिना कुछ भी हासिल नहीं… Continue reading अध्यापिका के प्रश्न
नेकी का रास्ता
तरुण आठवीं कक्षा का छात्र था। घर में सबका लाड़ला था इसलिए वह बिगड़ गया था। सुबह उठते हुए जब उसकी मां उसे कहती बेटा नाश्ता कर लो तो वह नाक भौं सिकोड़ कर कहता की क्या बना है ?उसे खाने में कुछ भी अच्छा नहीं लगता था।उसे बाजार की वस्तुएं खाने की आदत पड़… Continue reading नेकी का रास्ता
आशियाना
एक वन में विशाल और ऊंचा बरगद का पेड़ था। कितने सालों से वह पेड़ था यूं ही था वहां खड़ा । पेड़ ने एक दिन यूं आने जाने वालों से पूछा मैं यहां क्यों हूं रहता। मैं यहां क्यों हूं रहता। पेड़ हर रोज यही प्रश्न पूछा करता था। हर रोज चिंता में घुटता… Continue reading आशियाना
शिक्षा और अक्षर ज्ञान
एक दिन मिन्नी मां से बोली मैं भी स्कूल पढ़ने जाऊंगी। नई नई किताबे पढनें का अवसर पाऊंगी।। मां बोली बेटा तू तो है अभी बहुत ही छोटी । खा पीकर पहले हो जा मोटी ।। तू तब स्कूल पढ़ने जाना । पढ़कर बड़ा बन कर दिखलाना।। मिन्नी बोली मां देख ,मैं कितनी बड़ी दिखती… Continue reading शिक्षा और अक्षर ज्ञान
बच्चोंआओ, बच्चोंआओ मेरे साथ मिलकर गाओ
बच्चों आओ बच्चों आओ, मेरे साथ मिलकर गाओ। समय का सदुपयोग कर सफलता की सीढ़ी चढ़ते जाओ। हृदय में उत्साह धारण करके,अपनें कार्य में मन लगाओ। बच्चों आओ बच्चों आओ मेरे साथ मिलकर गाओ।। जो समय का सम्मान है करते । समय पर ही सभी काम है करते। वह अपना जीवन खुशी से है जीया… Continue reading बच्चोंआओ, बच्चोंआओ मेरे साथ मिलकर गाओ
नन्हा मुन्ना बच्चा हूं
नन्ना मुन्ना बच्चा हूं। लेकिन कान का कच्चा हूं।। सीधा साधा भोला भाला , लेकिन किसी की बातों में ना आने वाला ।। बड़ों का सम्मान करता हूं। उनका अपमान कभी नहीं करता हूं।। समय का पालन करता हूं। संयम से ही सारे काम करता जाता हूं।। नहीं करता हूं कक्षा में किसी से शत्रुता।… Continue reading नन्हा मुन्ना बच्चा हूं
कोरोना
विधाता ने कैसा खेल रचाया? चीन से निकले इस वायरस नें चारों तरफ गज़ब ढाया। दफ्तर जानें वालों पर भी गजब का कहर ढाया।। छोटा बच्चा, बड़ा, बूढ़ा, सभी घरों में ही व्याकुल होकर रह गए। घर कि चार दिवारी में बन्द हो कर सिमट गए।। कोरोना महामारी ने अपना कैसा तांडव रचाया? सभी मानव… Continue reading कोरोना
बेचारी मुर्गी
कितनी सुन्दर कितनी न्यारी। यह मुर्गी है बहुत ही प्यारी।। इसके पंख हैं बहुत ही कोमल। हो जैसे पतों की हरी हरी कोंपल। नीतु बोली अरे बुद्धु, पंख तो हैं प्यारे। ये उड़ नहीं पातीं हैं सारे।। गीतू बोली भला ये क्यों नहीं उड़ पाती हैं ? दीवार पर या छज्जे तक ही पंहुच पाती… Continue reading बेचारी मुर्गी