गुलमोहर

शीतल अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी। उसके माता पिता गरीब थे उन्होंने उसे बड़ी मुश्किल से पढ़ाया। पढ़ लिखकर वह चाहती थी कि मैं अपने माता-पिता को सारी खुशियां दूंगी। उसके माता पिता ने अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए बहुत ही कठोर परिश्रम किया। वह अपनी मां को सारी सारी रात कपड़े सिलती… Continue reading गुलमोहर

एक भूल का पश्चाताप

पहाड़ की तलहटी पर एक छोटा सा गांव था वहां पर एक औरत रहती थी उसका नाम था पारो। उसका छोटा सा बेटा था किशन। पारो और उसका पति अपने बच्चे किशन के साथ एक छोटे से गांव में रहते थे। उनके पास एक छोटा सा खेत था जिसमें दिन रात मेहनत करके वह अपने… Continue reading एक भूल का पश्चाताप

विकी की सूझबूझ

महेंद्र नाथ और उसकी पत्नी एक छोटे से गांव में रहते थे। उनका एक बेटा था विकी। वह अपने बेटे को बहुत बड़ा इंसान बनाना चाहते थे। वह उसको हर अच्छी शिक्षा दिलवाना चाहते थे उनका बेटा उनकी कसौटी पर कभी खरा नहीं उतरता था। वह साथ ही साथ उसको अच्छे संस्कार भी देना चाहते… Continue reading विकी की सूझबूझ

जैसे को तैसा

किसी गांव में दो दोस्त रहते थे। दोनों पक्के दोस्त थे। उन दोनों के प्यार को किसी की नजर लग गई। वे दोनों एक दूसरे के दोस्त नहीं रहे। एक दिन ना जाने  किसी बात को लेकर उन दोनों में झगड़ा हो गया। दोनों एक दूसरे से मिलते भी नहीं थे। दूसरे दोस्त ने सोचा… Continue reading जैसे को तैसा

नाई की हेराफेरी

किसी गांव में एक नाई रहता था। वह गांव वालों के बाल काटता था। रोशन बहुत ही अच्छी अच्छी कहानियां किस्से सुना कर उन सभी का दिल मोह लिया करता था। चंपी तो इतनी अच्छी करता था कि लोग उसकी दुकान पर मालिश करवाने और बाल कटवाने आते थे। वह घंटों उसकी दुकान पर बैठकर… Continue reading नाई की हेराफेरी

चार दोस्त

कौवा बिल्ली लोमड़ी और हिरन यह चार दोस्त थे। चारों मिल जुल कर रहते थे। वह कभी भी आपस में किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते थे। जंगल में वैसे तो बहुत सारे जानवर थे परंतु यह चारों दोस्त पास पास ही रहते थे। बिल्ली को तो एक शिकारी ने अपने घर में ही पाल रखा… Continue reading चार दोस्त

जादुई शौल

चिंटू मिंटू और बिट्टू तीनों पक्के दोस्त थे। तीनों बच्चों के माता-पिता अपने बच्चों के साथ पहाड़ी स्थल पर यात्रा करने गए हुए थे। देहरादून पहुंचने पर वह दूसरे दिन रमणीय स्थल को देखने निकल पड़े तीनों बच्चे साथ-साथ चल रहे थे। उनके माता पिता ने उन्हें कहा बेटा साथ साथ ही रहना आगे मत… Continue reading जादुई शौल

चुहे और बिल्ली की दोस्ती

सुखबीर और पारो एक छोटे से घर में रहते थे पारो हर रोज घर की सफाई करती रसोई में हर रोज उसे रोटी के छोटे-छोटे टुकड़े मिलते। उसने एक दिन अपने पति सुखबीर को कहा कि मैं गाय को हर रोज  रोटी रखती हूं परंतु यह रोटी तो हर रोज चूहा कुतर जाता है। यह… Continue reading चुहे और बिल्ली की दोस्ती

नन्हा जासूस

एक छोट सेे गांव की छोटी सी बस्ती में झुग्गी झोपड़ी वाले रहते थे। उनके छोटे-छोटे बच्चों ने भी स्कूल में दाखिला ले लिया था। उनकी बस्ती का एक लड़का था दीनू वह भी स्कूल जाने लगा था। जब बच्चे स्कूल में पढ़ते तो उसका ध्यान पढ़ने में नहीं लगता था क्योंकि उसको घर में… Continue reading नन्हा जासूस

शिवानी का सपना

शिवानी अपनी मां को लेकर 10 किलोमीटर दूर अस्पताल लेकर आई थी क्योंकि उसकी मां बहुत बीमार थी। वह अपनी मां को यूं हर रोज बीमारी से तड़पता देख नहीं सकती थी। शिवानी ने सोचा कि मैं अपनी मां को गांव के इसी अस्पताल में दाखिल करवा देती हूं। उसके पिता ने उसे कहा था… Continue reading शिवानी का सपना