स्वेत रंग सात रंगो का है मिश्रण। सर आइजक ने खोज कर किया इसका निरीक्षण गति के नियमों का भी खोज कर दर्शाया। गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्तों को भी निरुपित कर दिखाया। इन्द्रधनुष है कितना प्यारा। कितना सुन्दर कितना न्यारा। वर्षा के बाद सुनहरा दिखता इसी लिए मनमोहक लगता। जामुनी, नीला पीला हरा नारंगीऔर और अंत… Continue reading स्वेत रंग सात रंगो का है मिश्रण
Category: Poems
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उठो धरा के अमर सपूतों
उठो धरा के अमर सपूतों। जग में अपना नाम करो, नाम करो।। तन मन धन से एकजुट होकर मिलजुल कर काम करो, काम करो।। सच्चाई के पथ पर चलकर, अपना और अपने जग का नाम करो, नाम करो।। हिम्मत और अपनें हौसलों को बुलन्द कर पराजय को स्वीकार करो, स्वीकार करो। हार कर… Continue reading उठो धरा के अमर सपूतों
15( अगस्त) स्वतन्त्रता दिवस कविता
“ 15 अगस्त 1947 को लाल किले की प्राचीर पर अतीत और भविष्य का प्रतीकात्मक मिलन हुआ। धरती मां की बलिवेदी पर शहीद होनें वालों हर एक भारतीय का सपना साकार हुआ।भारत की स्वतंत्रता का नवप्रभात और नव युग का तभी से प्रारंभ हुआ। वहीं से एक स्वतंत्र भारत का जन्म हुआ।” 15अगस्त को हर… Continue reading 15( अगस्त) स्वतन्त्रता दिवस कविता
सावन की फुहार
सावन आया, सावन आया। अपने साथ ढेर सारी खुशियां लाया। वर्षा की बूंदों से सावन में, चारों और खुशी का वातावरण लहराया।। कोयल की मधुर गुंजन हर जगह छाई हर जगह पक्षियों की चहचहाहट दी सुनाई। हर नारी नें अपनी कलाई में चूड़ियाँ और हाथों में मेहंदी रचाई। सावन की झलक सभी के चेहरों पर… Continue reading सावन की फुहार
वर्षा आई वर्षा आई
वर्षा आई वर्षा आई। बच्चों के मन को खूब भाई।। काम छोड़कर सारे भागे। मुस्कान लिए अधरों पर, बच्चे भागे।। आसपास पास के बच्चों की टोली भी आई। वर्षा आई वर्षा आई सभी के मन को खूब भाई।। रेल बनाकर दौड़े आए। झूला झूलने सारे आए। बच्चों ने सावन के गीत बनाए। गा गा कर… Continue reading वर्षा आई वर्षा आई
नन्ही चिड़िया
पेड़ों पर चहचहाती चिड़ियां। शाखाओं पर मंडराती चिड़िया।। अपनी चहचाहट से सबके मन को लुभाती चिड़िया। एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर अटखेलियां करती चिड़िया।। अपने मधुर संगीत से सबके मन को हर्षाती चिड़िया एक डाल से दूसरी डाल तक की यूं फुदकती जाती चिड़िया।। सुबह से दोपहर तक एक पंक्ति में इकट्ठे होकर दाना… Continue reading नन्ही चिड़िया
बेटियां
अपनी तकदीर से जहां को रोशन करती है बेटियां। बेटियों से संसार में बहार होती है। बेटियां तो जहां की दिलदार होती हैं।। बेटियों से ही घर की शोभा शोभायमान होती है। बेटियां तो रुतबा शोहरत और तख्तो-ताज की हकदार होती हैं।। बचपन में मां-बाप की दहलीज पर पली युवा होने तक उन से… Continue reading बेटियां