नहले पर दहला

किसी गांव में एक कुम्हार रहता था। उसके एक बेटा था उसका नाम कृष् था। कुम्हार मिट्टी के बर्तन बनाता था उससे उसको अच्छे दाम मिल जाते थे ।वह घड़े भी सुंदर सुंदर बनाता था जब वह उन घड़ो को बनाता था तो उसका बेटा भी उसे बड़े ध्यान से देखता रहता था। वह स्कूल… Continue reading नहले पर दहला

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समझदार दोस्त

विकी जैसे ही घर आया वह बहुत खुश था क्योंकि आज उसका वार्षिक परीक्षा परिणाम निकल चुका था वह अपनी कक्षा में प्रथम आया था। उसके मम्मी पापा एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते थे उन्होंने उससे वादा किया था कि अगर तुम इस बार अपनी कक्षा में अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण हो गए… Continue reading समझदार दोस्त

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लालची किसान

एक किसान था वह खूब मेहनत करता और अपनी फसलों को लहलाता देख कर खुशी से फूला नहीं समाता था ।वह रोज सुबह जल्दी उठता और शाम तक काम करता और अपनी हरी-भरी फसलों को देखकर खुश होता ।उसकी पत्नी घर का काम करती थी चाहे वर्षा हो गया आंधी तूफान आए अपने खेतों में… Continue reading लालची किसान

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समझदार दोस्त

विकी जैसे ही घर आया वह बहुत खुश था क्योंकि आज उसका वार्षिक परीक्षा परिणाम निकल चुका था वह अपनी कक्षा में प्रथम आया था। उसके मम्मी पापा एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते थे उन्होंने उससे वादा किया था कि अगर तुम इस बार अपनी कक्षा में अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण हो गए… Continue reading समझदार दोस्त

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जीने की राह

किसी गांव में वैशाली नाम की एक औरत थी। उसके एक बेटा था वह कपड़े सिल सिल कर अपना तथा अपने बेटे का पेट पाल रही थी। उसके पिता नहीं थे ।उसका बेटा आठवीं कक्षा में पढ़ता था। किशन बहुत ही होशियार था उसके गुरुजन उस से बहुत प्यार करते थे वह जो कुछ अध्यापक… Continue reading जीने की राह

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आशा की किरण

यह कहानी हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव की है ।एक बार मुझे शिक्षा के किसी कार्यक्रम के लिए बाहर जाने का मौका मिला। वहां जाकर मुझे इन इलाकों को देखने के बाद मेरी लेखनी ने मुझे यह लिखने के लिए मजबूर कर दिया ।मैं धीरे धीरे चलती जा रही थी। मैं इन कस्बों… Continue reading आशा की किरण

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शेर ,हिरण और बंदर की सूझबूझ।

शेर ,हिरन और बंदर की सूझबूझ किसी जंगल में एक शेर रहता था ।वह जंगल का राजा था ।वह जानवरों को मारकर खा जाया करता था। सभी जीव-जंतु अपने राजा के अत्याचारों से तंग आ चुके थे। एक बार शेर ने सभी जीव जंतुओं को बुलाकर सभा बुलाई और कहा कि अगर तुम मुझे हर… Continue reading शेर ,हिरण और बंदर की सूझबूझ।

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भोलू पंडित

किसी गांव में एक बुढ़िया रहती थी उसके एक ही बेटा था उसका नाम था भोलू ।भोलू पढ़ने लिखने में ध्यान नहीं देता था। वह किसी की बात ध्यान से नहीं सुनता था ।अपना काम भी ठीक ढंग से नहीं करता था इसलिए सभी उसे बुद्धू कहकर पुकारते थे। उसकी मां अपने बेटे के सिर… Continue reading भोलू पंडित

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जीवन दान

किसी गांव में वैशाली नाम की एक औरत थी। उसके एक बेटा था वह कपड़े सिल सिल कर अपना तथा अपने बेटे का पेट पाल रही थी। उसके पिता नहीं थे ।उसका बेटा आठवीं कक्षा में पढ़ता था। किशन बहुत ही होशियार था उसके गुरुजन उस से बहुत प्यार करते थे वह जो कुछ अध्यापक… Continue reading जीवन दान

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