आपसी मेलजोल कविता

रानी और रज्जु गुड़िया के पीछे थे झगड़ रहे।वे एक दूसरे को गुस्से से थे अकड़ रहे।।रानी बोली तुम अपने खिलौनों से खेलो खेल।मुस्वच्छंदता से मुस्कुरानें दो। बचपन के अद्भुत क्षणों का आनन्द उठानें दो। मां मुझे खेल खेलनें जानें दो। खेल खेलनें जानें दो।। रोक टोक छोड़ छाड़ कर , सपनों के हिंडोलों में… Continue reading आपसी मेलजोल कविता