हमशक्ल

चीनू को उसकी मम्मी ने हॉस्टल में दाखिल करवा दिया था क्योंकि वह घर में ज्यादा पढ़ाई में ध्यान नहीं दे पाती थी। उसकी मम्मी ने इसलिए दाखिल करवाया था ताकि वह अपना पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई में केंद्रित करें। घर पर उसे पढ़ाना मुश्किल था। वह आगे हॉस्टल से कोचिंग भी ले रही थी।… Continue reading हमशक्ल

परिवर्तन भाग2

सविता और शशांक के परिवार में दो प्यारे प्यारे छोटे बच्चे मिष्टी और मयंक। एक दिन मिष्टि और मयंक दोनों भाई बहन दौड़ते-दौड़ते स्कूल से आए। आते ही मयंक नें अपना बस्ता कमरे में फेंका और चुपचाप दौड कर मां के गले लग कर बोला मां जल्दी खाना दो। भूख लगी है। मां उसको लाड… Continue reading परिवर्तन भाग2

समझी

समझी के पति का तबादला आसाम के एक छोटे से क्षेत्र में हुआ था। वह अपनी पत्नी के साथ कुछ दिन अपने घर छुट्टी बिताने आया था। उनकी नई-नई शादी हुई थी। उसके पति ने अपनी पत्नी को समझाया कि तुम्हें यहां पर रहने के लिए कोई परेशानी नहीं होगी। तुम अकेली भी बड़े अच्छे… Continue reading समझी

मेहनत का फल मीठा होता है

, किसी गांव में कलवा नाम का  बहुत नेक दिल  किसान था। हमेशा दूसरों के दुख दर्द में शामिल रहता था। उसका एक दोस्त था धनिया।  उसका घर समीप में ही था। धनिया उसको हर रोज काम करते देखा करता था। वह उसके घर आता जाता रहता था। वह एक आलसी किस्म का इंसान था।… Continue reading मेहनत का फल मीठा होता है

प्यार की तलाश

टुन्नू के माता-पिता ने अपना तबादला शहर के दूसरे स्थान पर करवा दिया था ताकि उनका बच्चा अपनी पढ़ाई अच्छे ढंग से कर पाए। वह अपने बेटे को एक अच्छा अफसर बनते हुए देखना चाहते थे। इसके लिए वह भरपूर कोशिश कर रहे थे। कहीं ना कहीं वह भूल गए थे कि जिस प्यार को… Continue reading प्यार की तलाश

वापसी

पूजा आज बहुत खुश थी क्योंकि उसने आज अपने मनपसंद लड़के के साथ शादी कर ली थी। उसे अंदर से कहीं ना कहीं दुख भी था। पूजा के मां बाप ने पूजा से कहा कि तुमने हमसे बिना पूछे लड़के को पसंद किया है। आज के बाद तुम यहां पर हम से कुछ लेने मत… Continue reading वापसी

क्रूर सिंह

एक गांव में बहुत ही लंबा चौड़ा हट्टा-कट्टा एक पहलवान रहा करता था। किसी जमानें में वह मश्हूर ठग हुआ करता था। । मगर  जूल्म साबित न  हो जाने पर उसे जेल वालों ने छोड़ दिया था। वह काफी दिन तक जेल की हवा खा कर आया था। इसलिए लोग उसको मिलनें से भी कतराते… Continue reading क्रूर सिंह

भीखू मांझी

भीखू सुबह-सुबह नदी के तट पर पहुंचना चाहता था। वह सुबह सुबह नाविकों को नाव पर से दूसरे छोर तक ले जाता था। इतना मेहनती  नाविक था लोग उसकी नाव पर बैठना पसंद करते थे। भीखू को काम करते 20 साल हो चुके थे। वह सुबह सुबह नाविकों को ले जाता और शाम होने तक… Continue reading भीखू मांझी

पोते का प्यार

पारो और माधव के परिवार में उनका बेटा अनीश। माधव एक ऑफिस में काम करता था पार्वती स्कूल में शिक्षिका थी। पारो सारा समय सजने-संवरने में रहती थी। बड़ी बड़ी आंखों वाली लंबे लंबे बालों वाली। अपनी आंखों को मटकाती रहती।  सजने संवरनें के इलावा उसे घर का काम करने में मजा नहीं आता था।… Continue reading पोते का प्यार

मां की सीख

मुन्नी को स्कूल के वितरण समारोह में ईनाम मिला था। एक छोटी सी गुल्लक  पाकर मुन्नी खुशी से फूले नहीं समा रही थी। वह दौड़ कर अपने दादाजी के पास आई बोली दादाजी। मुझे आज गुल्लक ईनाम में मिली है। दादा जी बोले बेटा बैठ मेरे पास। आज मैं तुम्हें एक बहुत ही अच्छी बात… Continue reading मां की सीख