दासी पुत्र की सूझबूझ

बहुत समय पहले की बात है कि किसी नगरी में एक राजा राज करता था। राजा अपनी प्रजा के सामने अच्छा बनने की कोशिश करता था परंतु वह दिखावे के लिए ही प्रजा के सामने अच्छा बनने की कोशिश करता था। उस राजा जैसा निर्दयी कोई भी उसके राज्य में नहीं था । राजा के… Continue reading दासी पुत्र की सूझबूझ

पेजल

पेजल अपने माता-पिता के साथ एक छोटे से गांव में रहती थी। उसके एक छोटा सा भाई भी था। वह अपने भाई को बेहद प्यार करती थी। एक दिन उसके मम्मी पापा अपने किसी पड़ोस के परिवार में  बिमार  व्यक्ति का हाल-चाल जानने के लिए गए थे। उन्होंने पेजल से कहा कि एक वह एक… Continue reading पेजल

छोटा भीम

भीम और भीष्म दो भाई थे। दोनों इकट्ठे स्कूल जाते परंतु वे दोनों हमेशा लड़ते ही रहते थे। कभी कभी तो उनका गुस्सा इतना बढ़ जाता था कि दोनों एक-दूसरे के बाल खींचते और घसीटते हुए एक दूसरे को भयंकर चोट पहुंचाते थे। उनकी मां उन्हें ऐसा करने से रोकती थी। मां बड़ी मुश्किल से… Continue reading छोटा भीम

अनपढ़ बहु

रुपेश कारगिल की वादियों में एक सिपाही के रूप रूप में तैनात था वह अब की बार छुट्टियों में अपनी बहन के पास गांव आया हुआ था गांव में आ कर उसे अपने बचपन के दिन यादें ताजा हो गई। वह हर साल अपनी बहन के पास कुछ दिन के लिए उसके पास आ जाता… Continue reading अनपढ़ बहु

तीन जांबाज

तीन दोस्त थे कुंवर वीर बाहूू विषमबाहु और सहस्रबाहु वे तीनो बहुत बहादुर थे। उनकी बहादुरी की मिसाल दूर-दूर तक फैली थी। एक दिन उन्होंने एक पत्रिका में जूनागढ़ की खंडहर हवेली के बारे में पढ़ा पत्रिका में जूनागढ़ की खंडर हवेली के बारे में पढ़कर उन्होंने सोचा कि वहां जाया जाए। वहां पर पहुंचकर… Continue reading तीन जांबाज

ईमानदार मोची

एक चमड़े का व्यापारी था वह बहुत ही कंजूस था। लोगों को लूट लूट कर अपना जीवन यापन कर रहा था। वह लोगों को बेवकूफ बनाकर उनका पैसा वस्तुएं हड़प कर लेता था उसको अगर कोई उसके साथ बहस करता तो वह उसको बहुत ही नीचा दिखाता था। कोई भी व्यक्ति उसके आगे अपनी जुबान… Continue reading ईमानदार मोची

दो ठग

, हमें मित्रता हमेशा समझदार इंसान से ही करनी चाहिए। मित्र हमेशा सोच समझकर ही बनानी चाहिए। हमें अपने दोस्त या मित्र बनाते समय उन्हें जांच की कसौटी पर परख लेना चाहिए कि वह मित्र हमारा वफादार है या नहीं। इसके लिए हमें हमेशा मित्र का चुनाव करते समय सोच समझकर चुनाव करना चाहिए। यह… Continue reading दो ठग

होनहार बहु

मेताली और सोनाली दो सहेलियां थी। मेताली और सोनाली का घर भी थोड़ी दूरी पर ही था। दोनों इकट्ठे स्कूल जाते मेताली पढ़ने में होशियार थी इसलिए सोनाली की मम्मी उस से बहुत ही नफरत करती थी ।वह सोचती थी कि मेरी सोनाली इस मिताली की तरह होशियार क्यों नहीं बन जाती इसलिए इस वह… Continue reading होनहार बहु

साकार सपना

सोनू के माता पिता ने उसकी शादी तय कर दी थी। सोनू अभी 18 वर्ष में ही लगी थी। उसने अपने माता पिता को कहा कि वह शादी नहीं करना चाहती क्योंकि वह अभी अपनी संगीत की शिक्षा जारी रखना चाहती है सोनू को बचपन से ही संगीत का शौक था ।जब कोई भी गाने… Continue reading साकार सपना

सच्ची मित्रता

राम और श्याम बहुत ही पक्के मित्र थे। एक दिन की बात है कि दोनों दोस्त जंगल में शिकार  करने गए हुए थे। छोटे छोटे जानवरों का शिकार किया करते थे । उन्हीं शिकार करने का बहुत ही शौक था जो कुछ शिकार करते हुए बाजार में बेच कर जो भी रुपया मिलता वह भी… Continue reading सच्ची मित्रता