दो ठग

, हमें मित्रता हमेशा समझदार इंसान से ही करनी चाहिए। मित्र हमेशा सोच समझकर ही बनानी चाहिए। हमें अपने दोस्त या मित्र बनाते समय उन्हें जांच की कसौटी पर परख लेना चाहिए कि वह मित्र हमारा वफादार है या नहीं। इसके लिए हमें हमेशा मित्र का चुनाव करते समय सोच समझकर चुनाव करना चाहिए। यह… Continue reading दो ठग

होनहार बहु

मेताली और सोनाली दो सहेलियां थी। मेताली और सोनाली का घर भी थोड़ी दूरी पर ही था। दोनों इकट्ठे स्कूल जाते मेताली पढ़ने में होशियार थी इसलिए सोनाली की मम्मी उस से बहुत ही नफरत करती थी ।वह सोचती थी कि मेरी सोनाली इस मिताली की तरह होशियार क्यों नहीं बन जाती इसलिए इस वह… Continue reading होनहार बहु

साकार सपना

सोनू के माता पिता ने उसकी शादी तय कर दी थी। सोनू अभी 18 वर्ष में ही लगी थी। उसने अपने माता पिता को कहा कि वह शादी नहीं करना चाहती क्योंकि वह अभी अपनी संगीत की शिक्षा जारी रखना चाहती है सोनू को बचपन से ही संगीत का शौक था ।जब कोई भी गाने… Continue reading साकार सपना

सच्ची मित्रता

राम और श्याम बहुत ही पक्के मित्र थे। एक दिन की बात है कि दोनों दोस्त जंगल में शिकार  करने गए हुए थे। छोटे छोटे जानवरों का शिकार किया करते थे । उन्हीं शिकार करने का बहुत ही शौक था जो कुछ शिकार करते हुए बाजार में बेच कर जो भी रुपया मिलता वह भी… Continue reading सच्ची मित्रता

धरती का लाल

चीकू रास्ते में जल्दी-जल्दी अपने कदम बढ़ा रहा था। उसका मालिक जब वह समय पर काम पर नहीं पहुंचता था उसको कहता था तब तक तुम्हें खाना नहीं मिलेगा जब तक तुम काम नहीं करोगे। चीकू 12 वर्ष का था रास्ते में फुटपाथ पर उसके मालिक को पड़ा मिला था। मुश्किल में उस समय चीकू… Continue reading धरती का लाल

विचित्र न्याय

किसी शहर में दो दोस्त रहते थे। दोनों घनिष्ट मित्र थे  ।एक का नाम था राम दूसरे का नाम था श्याम ।दोनों एक दूसरे की सहायता करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे । राम एक राजा के यहां पर माली का काम करता था जो कुछ मिलता था उसे अपना और अपनी पत्नी का… Continue reading विचित्र न्याय

भेडू के बच्चे की वापसी

जंगल में सभी जानवर एक ही स्कूल में शिक्षा ग्रहण करते थे। सभी जानवर दूर-दूर के जंगलों से आकर हॉस्टल में पढ़ने आए थे। वहां पर सब जीवजन्तु मिल जुल कर रहते थे कोई भी जानवर किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता था। स्कूल के हैडमास्टर  जी ने उन्हें सख्त हिदायत दी थी कि कोई… Continue reading भेडू के बच्चे की वापसी

कविता मौसी

कविता के नाम से पहचाने जाने वाली महिला इतनी मशहूर नहीं थी। उसको कविता नाम से कोई नहीं पहचानता था जितना कि सारे मोहल्ले के बच्चे उन्हें मौसी के नाम से पुकारते थे। मौसी-मौसी कहकर सारे बच्चे उन्हें घेर लेते। उनसे हर रोज कहानी की फरमाइश करते हुए भी बच्चों को जिस दिन ना देख… Continue reading कविता मौसी

ईमानदारी का सबक

किसी गांव में एक व्यापारी रहता था वह शॉल बेचकर अपना तथा अपने परिवार का भरण पोषण करता था। शॉल बेचने के लिए उसको अपने काम से बाहर जाना पड़ता था। ईमानदारी से शॉल बेचता था जो कुछ मिलता उसी से खुश रहता था। एक बार की का बात है कि उसका दोस्त गांव में… Continue reading ईमानदारी का सबक

नई दिशा

हेम शरन के परिवार में उसकी पत्नी और उसकी एक बेटा बेटी थे। हेमशरन इतना अमीर नहीं था गांव में उसकी थोड़ी बहुत जमीन थी। जिस में वह खेती-बाड़ी करता था। उसकी बेटी नौ साल की थी और बेटा बीनू से चार साल बड़ा था। उसका भाई आठवी कक्षा में था। हेमशरन अपनी पत्नी से… Continue reading नई दिशा