रूलदू और गडरिया

एक चोर था वह अपनी पत्नी के साथ एक छोटे से कस्बे में रहता था। उसकी पत्नी बहुत ही नेक थी वह चोर को कहती थी कि चोरी का धंधा छोड़ दो ।चोर कहता था जब तक मुझे कोई काम नहीं मिलेगा मैं चोरी करना नंही छोड़ सकता क्योंकि मैं पढ़ा लिखा नहीं हू।ं मेरे… Continue reading रूलदू और गडरिया

आधुनिक पीढी

5 सितंबर का दिन था ।स्कूल में बच्चे अपने तरीके से शिक्षक दिवस के कार्यक्रम का आयोजन कर रहे थे । उन्होंने पहले से ही इसके लिए रिहर्सल करनी शुरू कर दी । उन्होंने अपने कार्यक्रम के बारे में किसी को भी नहीं बताया था क्योंकि वह अपने अध्यापकों की एक्टिंग करने की कोशिश कर… Continue reading आधुनिक पीढी