बल पर न करना कभी अभिमान

बहुत समय पहले क बात सुनाऊं बच्चों एक असुर था बलवान।गजमुखासुर था उसका नाम।धन दौलत का था उसको अभमान।मन में इच्छा था क उसके सबसे शिक्तशाली बन जाऊं ।देवताओं को भी अपने वश में करके अपने पर इतराऊं ।भगवान शव को प्रसन्न करने का मन में था ठान लया।राजपाट छोड़ छाड़ कर वन को प्रस्थान… Continue reading बल पर न करना कभी अभिमान