फुलों की तरह मुस्कुराता रहे तुम्हारा चेहरा। हंसी से गुनगुनाता रहे तुम्हारा मुखड़ा। तुम्हारी जिन्दगी में हर पल हर क्षण खुशियों की बरसात हो। चेहरे पर हर पल मुस्कुराहट की सौगात हो। हर दिन जीवन में नया पर्व ले कर आए। कभी ईद तो कभी दीवाली बन कर आए। तुम ऊंचाईयों की सीढ़ियां चढ़ते जाओ।… Continue reading फुलों की तरह मुस्कुराता रहे तुम्हारा चेहरा
Category: Poems
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व्याध और हंसों का झुन्ड
पानी की तलाश में एक हंसो का झुन्ड सरोवर मे था आया। सरोवर के पास व्याध को देख कर था घबराया।। हंसिनी के बच्चे का हाथ था छूट गया। इस आपाधापी में वह बच्चा अपनी मां से बिछुड़ गया।। अपनी मां से बिछुड़ने पर वह पंहुचा एक घने जंगल में। वहीं पर एक व्याध भी… Continue reading व्याध और हंसों का झुन्ड
(मन का दर्पण है सुन्दर कल्पनाएँ) कविता
मन का दर्पण है सुन्दर कल्पनाएँ। अतीत में झांकने का अवसर देती है कल्पनाएं।। व्यक्ति के चेहरे पर रंगत का दौर लाती हैं कल्पनाएँ। जीवन को नई उम्मीद का चेहरा दिखाती हैं सुन्दर कल्पनाएं।। हमारे अंदर छिपी हुई रचनात्मक प्रवृति को उभारती हैं कल्पनाएँ। नकारात्मकता और सकारात्मकता का अनुभव कराती हैं कल्पनाएं।। मधुर सपने दिखाती… Continue reading (मन का दर्पण है सुन्दर कल्पनाएँ) कविता
नदी की कलकल धारा
नदी की बहती कलकल धारा। प्रकृति की छटा का अद्भूत नज़ारा वो तृषित धरा की प्यास बुझाती नदियाँ। मन के उथल पुथल भावों को निर्मल करती नदियाँ।। शान्त और तेज रफ्तार से बहती नदियाँ । दूर दूर से हर आने जानें राहगीरों की प्यास और थकान को शान्त करती नदियाँ।। अलग अलग धारा में बहनें… Continue reading नदी की कलकल धारा
नव वर्ष की नई चेतना
नए वर्ष की नई चेतना यह संदेशा लाई है। नए सपनों को नई सोच को उजागर करने का न्योता लेकर आई है।। नई वर्ष की नई उमंगे नई खुशियां लेकर आई है। अपने वतन की खातिर अपना कर्तव्य निभाने को उजागर हो आई है।। नई भोर की नई बेला हमें यह सिखाने आई है। छोड़ो… Continue reading नव वर्ष की नई चेतना
बंदर आया (कविता)
बंदर आया बंदर आया। पेड़ो पर उछल कूद कर सारा घर सिर पर उठाया। पेड़ पर चढ़कर इधर उधर इठलाया।। छज्जों पर हर जगह चढ़कर करता शैतानी। हर जगह धूम चौकड़ी मचा कर करता अपनी मनमानी।। खो खो करता बंदर आया। हर आने जाने वाले राहगीरों को डराया।। नकल करता बंदर आया, बंदर आया। पेड़ों… Continue reading बंदर आया (कविता)
पानी का महत्व (कविता)
जल है जीवन का आधार। यूं न करो इसे बेकार।। जल से ही है जीवन सबका। यह न मिले तो मरण है सबका।। 97.5जल है खारा। स्वच्छ जल2. 5%है न्यारा।। बच्चे बूढे सभी को पानी की उपयोगिता को समझाओ। पानी को कम खर्च कर के बिजली की उर्जा को बचाओ।। एक एक बूंद को व्यर्थ… Continue reading पानी का महत्व (कविता)
शिक्षा का महत्व (2)
ज्ञान हमारे अंदर प्रकाश की ज्योति है जगाता। सभी का वर्तमान और भावी जीवन योग्य है बनता।। ज्ञान से सुप्त इंद्रिया जागृत होती है। उसकी कार्यक्षमता में दिन रात तरक्की होती जाती है।। शिक्षा का क्षेत्र है विस्तृत। जीवन से लेकर मृत्यु पर्यन्त तक चलने वाला शिक्षा का एक स्रोत।। प्राचीन काल में शिक्षा गुरुकुल… Continue reading शिक्षा का महत्व (2)
(रिश्ते तो अनमोल होतें हैं) कविता
रिश्ते तो अनमोल होते हैं। ये तो भगवान की दी हुई शानदार नियामत होतें हैं।। । भाई बहन पति पत्नी सास ससुर और अनेको रिश्वते हैं दिए हुए। उन रिश्तों में अपनी अपनत्व की मिठास घोल दिजीए। उन रिश्तों का दामन खूबसूरती से पकड़े रखिए।। उन की खुशी के लिए अपनी तरफ से कभी पिछे… Continue reading (रिश्ते तो अनमोल होतें हैं) कविता
नन्ही बालिका की फरियाद
हे भगवान मुझे फेल मत करना। मुझे अगली कक्षा में आगे बढ़ने से मत रोकना।। माता पिता भला बुरा कह कर मेरा उपहास उड़ाएंगे। मुझे प्यार करने से सभी परिवार जन कतराएंगे।। मेरे दोस्त संगी साथी मुझसे बात करने से हिचकिचाएंगे। मुझे फिसड्डी कह कर मेरा नाक भौं चिढाएंगे।। हे भगवान! एक साल की जेल… Continue reading नन्ही बालिका की फरियाद