पियूष जल्दी से घर पहुंचना चाहता था क्योंकि आज वह काफी थक चुका था। ऑफिस में बॉस से कहा सुनी हो गई घर में पत्नी से नोकझोंक इस आदत से वह बहुत ही तंग आ चुका था । कुछ दिनों से उसे बहुत ही गुस्सा आ रहा था क्योंकि घर पर उसकी पत्नी उससे हर… Continue reading देर आए दुरुस्त आए
Category: Stories
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सोनू और उसका नन्हा दोस्त जौनी।
छवि और सौरभ के एक बेटा था अपनी नानी के पास से वापस अपने गांव लौट रहा था। सोनू केवल पांच वर्ष का था। गाड़ी से आते हुए अपनी मम्मी से बोला मां मैं लघुशंका जाना चाहता हूं। उसके मम्मी पापा ने कार एक ओर खड़ी कर दी। उसे कहा बेटा यहां उतर कर लो।… Continue reading सोनू और उसका नन्हा दोस्त जौनी।
परिवर्तन
यह कहानी एक छोटे से परिवार की है यह कहानी दो भाइयों की है। दोनों परिवार साथ-साथ रहते थे। रमाकांत और रविकांत। रमाकांत की शादी भी होने जा रही थी रविकांत उसके चाचा जी का बेटा था। दोनों परिवार साथ साथ ही रहते थे इसलिए घर में शादी की खूब चहल पहल थी रमाकांत ने… Continue reading परिवर्तन
बुराई का फल
किसी गांव में एक बुढ़िया अपने बेटे के साथ एक छोटे से गांव में रहती थी। वह बहुत ही अच्छी थी। सोचती कि जब उसे बिना मेहनत किए सब कुछ हासिल हो जाता है तो मैं क्यों मेहनत करूं? क्योंकि इसका बेटा कमा कर ले आता था। उसी से उसके दिन व्यतीत हो रहे थे।… Continue reading बुराई का फल
नटखट तोषी
शिवप्रसाद जैसे ही अपने ऑफिस जाने की तैयारी करते उनकी छत पर हर रोज एक बंदर आकर मंडराने लगता। शिव प्रसाद को कभी उस बंदर पर क्रोध आता कभी सोचते इस बंदर ने मेरा क्या बिगाड़ा है बेचारा भूखा है तभी तो मेरे घर की छत पर रोटी ढूंढने लगता है। जब वह उसे हासिल… Continue reading नटखट तोषी
जादुई अंडा
एक शिकारी था। उसके पास बहुत सारी मुर्गियां थीं। मुर्गियों के अंडों को बाजार में बेच देता था। एक दिन शिकारी उन मुर्गियों के अंडों को बेचने गया तो उसने सब अंडों को बाजार में बेच दिया। एक आखरी अंडे को देख कर हैरान हो गया वह अंडा बहुत ही बड़ा था। वह उसे बेचना… Continue reading जादुई अंडा
पवित्र बंधन
, अमन कार्तिक और साहिल तीन दोस्त थे। तीनों इतने पक्के दोस्त थे। वह बाजार में पिकनिक पर और जब कहीं भी बाहर घूमने का प्रोग्राम होता तीनों एक साथ इकट्ठे जाते थे। तीनों भी पढ़ाई में ठीक थे। अमन इंजीनियर बनना चाहता था। कहीं ना कहीं अमन के माता-पिता उसे कहते थे कि तुम्हें… Continue reading पवित्र बंधन
ब्राह्मण और ब्राहमणी की नोकझोंक
किसी गांव में एक ब्राह्मण और ब्राह्मणी रहते थे। उनके परिवार में कोई भी नहीं था। केवल एक दूर का भतीजा था। उनके पास कुछ भी नहीं था। भिक्षा मांग मांग कर अपना गुजारा किया करते थे। जो कुछ भी भिक्षा से मिलता उसे खा पीकर गुजारा किया करते थे। जब भी वे भिक्षा मांगते… Continue reading ब्राह्मण और ब्राहमणी की नोकझोंक
लालची धन्ना सेठ
, यह कहानी एक छोटे से गांव की है। उस गांव में सभी लोग खुश थे.।उस गांव में एक राजा था। राजा ने अपने राज्य में यह ऐलान कर दिया कि कोई भी इंसान किसी दूसरे पर अगर अत्याचार करें या उस पर हमला करेगा तो उसे मृत्युदंड दिया जाएगा। उसे उम्र भर की सजा… Continue reading लालची धन्ना सेठ
एक और एक ग्यारह
बहुत समय पहले की बात है एक राजा था वह बहुत ही घमंडी था अपनी प्रजा को सताने में उसे बहुत ही मजा आता था। प्रजा उस के डर से थर-थर कांपते थी। वह किसी को सताना नहीं छोड़ता था। जरा सी गलती पर लोगों को कोढे लगवाता था। एक बार प्रजा के लोग आपस… Continue reading एक और एक ग्यारह