नशा नाश का दूजा नाम

नशा नाश का दूजा नाम।

घर की बर्बादी है इसका काम।।

नशे से अपनें बच्चों को बचाना।

तुम उन्हें प्यार से समझा कर होश में लाना।। उसकी जग में तो होगी ही जग हंसाई।

अपनी रही सही इज्जत भी समझो तुम ने गंवाई।।

नशे की आदत से बचो दुनिया वालों।

अभी भी वक्त है संभल जाओ जहां वालों।।

नहीं तो तुम तमाम उम्र भर पछताओगे।

अपनी रही सही इज्जत भी खाक में मिलाओगे।।

नशे की बुरी आदत से बचो युवा पीढ़ी।

वर्ना तुम कभी ना चढ़ पाओगे तरक्की की सीढ़ी।।

नशा करके तुम कभी भी आगे न बढ़ पाओगे।

अपने मां बाप को भी इस नर्क की आग में झुलसाओगे।।

नशा चाहे कैसा भी हो बुरा है दोस्तों।

यह तो है काली अंधकार की परत है दोस्तों।।

नशा करके कभी तुम खुश न रह पाओगे। , अपने परिवार को हमेशा दुःखी  ही पाओगे।।

नशा तो एक छोटी सी चीज है इसको भी हंसते-हंसते छोड़ पाओगे।।

अपने मां बाप के सम्मान को न तुम दाव पर लगाना।  

उनकी उम्मीदों पे खराब उतर के दिखाना।।

एक बार इससे छुटकारा पा जाओगे तो।

अपने मां-बाप की आंखों में खुशी की झलक देख पाओगे।।

वह भी तुम्हें खुशी से गले लगाएंगे

तुम्हारी  इस भूल को शीघ्र ही माफ कर पाएंगे।