शैलेश के परिवार में उनका बेटा सोनू था। वह अपने बेटे सोनू से बहुत प्यार करते थे। वह दसवीं कक्षा में आ चुका था। उसके पिता की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। सोमू अपने दादाजी रामप्रसाद जी के पास रहने लगा। उनके दादा जी अपने पोते को बहुत प्यार करते थे। वह सोचते थे… Continue reading वारिस
चुन्नू और उसके प्रश्न
चुन्नू बहुत ही होशियार बालक था। एकदिन उसके बाबा ने उसे अपने पास बुलाया बेटा अब तुम भी स्कूल जाना शुरु कर दोगे। तुम्हें हर विषय की जानकारी होनी चाहिए। चुन्नू दौड़ा दौड़ा दादाजी के पास आकर बोला दादा जी दादा जी मैं भी अब स्कूल पढ़ने जाऊंगा उसके दादा जी बोले ठीक है। अपने… Continue reading चुन्नू और उसके प्रश्न
दो सहेलियाँ
दिव्यांशु और दीप्ति दोनों घनिष्ट सहेलियाँ थी। दोनों ही पढ़ने में बहुत ही तेज थी। दीप्ति जो कुछ भी स्कूल में मैडम पढ़ाती उसको बहुत ही ध्यान से सुनती थी। हर पाठ को हर मुश्किल प्रश्नों को अपने समझ और सूझबूझ से याद कर लेती थी। दिव्यांशु भी पढ़ने में तेज थी मगर वह पढ़ाई… Continue reading दो सहेलियाँ
मोबाईल का हेरफेर
तीन दोस्त थे सनी हनी और बनी। तीनों दोस्तों में पक्की मित्रता थी। सुबह के समय इकट्ठे सैर पर निकल जाया करते थे। एक दिन वे तीनो जब आराम करने के लिए एक पार्क में बैठे तो तीनों आपस में बातें करने लगे। सनी बोला मैं हर रोज गाने गाता हूं। गाने लिखने का अभ्यास… Continue reading मोबाईल का हेरफेर
भाई की सीख
एक छोटा सा गांव था।वंहा पर लगभग ३000 के करीब लोग रहते थे।उस गांव मे सुखवीर और तनवीर दो महिलाएं थी ।वह दोनों एक साथ वाले घर में रहती थी। यह दोनों महिलाएं आपस में लडती इतना कि उनके जोर जोर से एक दूसरे पर चिल्लाने की वजह से इधर उधर सारे मोहल्ले के लोग… Continue reading भाई की सीख
साहसी देवकी
माधवपुर गांव में देवकी अपने पति के साथ हंसी-खुशी जीवन यापन कर रही थी।। उसके पति के व्यापार में दिन रात चौगुनी उन्नति हो रह थी। उसका पति एक मेहनती और ईमानदार व्यापारी था। बाहर के लोग भी उसकी बहुत ही प्रशंसा कर रहे थे। विदेशों में भी उसके सामान की प्रशंसा हो रही थी।… Continue reading साहसी देवकी
चिडि़या और उनके नन्हे बच्चे
, एक पेड़ की शाखा पर चिड़िया ने घोंसला बनाया हुआ था। चिड़िया अपने नन्हे नन्हे बच्चों के साथ रहती थी। चिड़िया जब दाना चुगने जाती तो वह अपने बच्चों को अपने घोंसले में छोड़ कर चली जाती थी। चिड़िया जब दाना चुगकर वापिस आई उसने देखा इसका एक छोटा सा बच्चा चुपचाप गुमसुम बैठा… Continue reading चिडि़या और उनके नन्हे बच्चे
शक का दायरा
तरुणा तान्या और तन्वी तीन सहेलियाँ थी। तीनों सखियां दसवीं के बाद नर्स के प्रशिक्षण के लिए जी-जान से तैयारी कर रही थी। दोनों ही बहुत होनहार सुशील और सभ्य थी। तीनों डटकर नर्स के प्रशिक्षण की तैयारी कर रही थी। तीनों लिखित परीक्षा में निकल चुकी थी केवल मौखिक परीक्षा का टेस्ट होना बाकी… Continue reading शक का दायरा
दावानल
शेखर और उसकी पत्नी एक छोटे से गांव में रहते थे। शेखरको शराब पीने की आदत थी वह शराब को छोड़ता नहीं था। उसकी पत्नी अपने पति की इस आदत से बहुत परेशान रहती थी। वह सोचती काश मेरा पति शराब पीना छोड़ देता तो वह भी अच्छा इंसान बन सकता है। दिल का अच्छा… Continue reading दावानल
सच्चा न्याय राजा वीर सेन का
कीर्तन और निरंजन दोनों दोस्त चले जा रहे थे। वह बहुत दूर निकल गए थे। आज तो अपने राजा का निर्णय सुनकर वे बहुत खुश हो गए। वह सुजानपुर के रहने वाले थे। जब वह दोनों अपने राज्य की बात कर रहे थे तो वहां से जाते हुए तीन परियों उन दोनों की बातें बड़े… Continue reading सच्चा न्याय राजा वीर सेन का