बहुत समय बहुत समय पहले की बात है किसी गांव में रघु नाम का एक किसान रहता था। वह हर दिन बहुत मेहनत करता और अपनी पत्नी और बच्चे का पेट भरता था। उसकी एक बेटी थी वह उसे हमेशा बहुत ही खुश रखता था। मेहनत करके वह अपने घर की आजीविका बसर कर रहा… Continue reading पवित्र रिश्ता
दादा जी की सीख
, किसी गांव में एक वृद्ध दंपति रहते थे। उनके साथ उनके दो बच्चे रहते थे। उन बच्चों के माता पिता मर चुके थे। वे दोनों बच्चे अपने दादा दादी के पास रहते थे। चिंटू और बन्टू दोनों भाई चिंटू बड़ा था और बन्टू छोटा। चिंटू 10 साल का हो चुका था और बन्टू केवल… Continue reading दादा जी की सीख
नजरिया
किसी गांव में एक बुढ़िया रहती थी। वह बिल्कुल अकेली थी। उसके पास काफी बड़ा घर था। वह हमेशा अकेली ही रहती थी। वह अपने आसपास के घरों में अपने पड़ोसियों के साथ खूब गप्पे मारती। वह अपनी मीठी मीठी बातों से पड़ोस की औरतों को अपनी ओर आकर्षित कर लेती थी। उसकी जुबान कैंची… Continue reading नजरिया
पुरानी हवेली का किस्सा
तीन दोस्त थे। अभिजीत अभिषेक और अभिनव। तीनों एक साथ कॉलेज में पढ़ते थे अभिषेक के पिता एक बड़े व्यापारी थे। अभिजीत और अभिषेक के पिता मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते थे। तीनो बहुत ही पक्के दोस्त हुए कॉलेज इकट्ठे जाते इकट्ठे वापिस आते। 1 दिन तीनों आपस में बातें कर रहे थे अभिषेक… Continue reading पुरानी हवेली का किस्सा
नटखट बालक भोलू
एक किसान था उसके एक बेटा था वह बहुत ही शरारती था उसका नाम भोलू था। वह हमेशा शरारती किया करता था। पढ़ने में उसका कभी दिल नहीं लगता था। वह स्कूल से भाग भाग कर घर आ जाता था। गांव वालों को परेशान करना और पक्षियों को पत्थर मारना घसलों को नष्ट कर देना।… Continue reading नटखट बालक भोलू
बिछडा बेटा
एक गांव में जमुना नाम की औरत थी। उसके एक बेटा था और एक बेटी थी जमुना अपने छोटे से बेटे को लेकर अपने भाई के घर जा रही थी ।तेजू अभी केवल तीन साल का था गाड़ी अपनी पूरी रफ्तार से चली जा रही थी रात हो चुकी थी आधी रात के वक्त तेजू… Continue reading बिछडा बेटा
दर्जी और उसका दोस्त पुरु
एक दर्जी था। वह रोज लोगों के कपड़े सिलकर अपनी आजीविका चला रहा था। लोगों को उस दर्जी से कपड़े सिलवाना अच्छा लगता था क्योंकि वह लोगों के कपड़े बहुत ही अच्छे ढंग से उनके नाप के अनुकूल सिलाई करता था। उसका एक बेटा था वह कॉलेज में पढ़ता था। वह अपने पापा को कहता… Continue reading दर्जी और उसका दोस्त पुरु
साहसी भोलू
एक लड़का था भोलू हमेशा शरारतें किया करता था। वह अपने दोस्तों के साथ जंगल में गौवों को चराने ले कर जाता था। काफी देर तक पशुओं को चरा कर जंगल से वापस आता था। उसके दोस्त हमेशा उस से शर्त लगाते थे कि जो कोई जंगल की गुफा में जाकर वापस आएगा वही इंसान… Continue reading साहसी भोलू
उपहार
माधोपुर के एक छोटे से कस्बे में सविता अपने बेटे के आने की राह देख रही थी। सविता के पति सेना में शहीद हुए थे। उसके बेटे ने भी कसम खाई थी कि वह भी अपने पिता की भांति एक वीर सैनिक बनेगा। अपने बेटे की हट के कारण उसकी एक न चली सविता के… Continue reading उपहार