क्रूर सिंह

एक गांव में बहुत ही लंबा चौड़ा हट्टा-कट्टा एक पहलवान रहा करता था। किसी जमानें में वह मश्हूर ठग हुआ करता था। । मगर  जूल्म साबित न  हो जाने पर उसे जेल वालों ने छोड़ दिया था। वह काफी दिन तक जेल की हवा खा कर आया था। इसलिए लोग उसको मिलनें से भी कतराते… Continue reading क्रूर सिंह

परोपकार

रामू आज भी स्कूल देर से पहुंचा था। मैडम ने आते ही उसे बेंच पर खड़ा कर दिया। तुम्हें एक महीना हो गया कहते-कहते जल्दी स्कूल आया करो। हर रोज देर से आते हो। यह देखो तुम्हारी उपस्थिति।   तुम समय पर स्कूल नहीं पहुंचोगे तो तुम्हें स्कूल से निकाल दिया जाएगा रामू बहुत ही मायूस… Continue reading परोपकार

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जाको राखे साइयां मार सके न कोई

किसी गांव में एक बुढ़िया रहती थी। वह बहुत ही दयालु थी। वह अकेली रहती थी। उसके परिवार में कोई नहीं था। उसके पास  दो कमरों का मकान था। जिसमें वह रहती थी। वह बुढिया बहुत ही समझदार थी। वह किसी भी व्यक्ति को अपना मकान किराए पर नहीं देती थी। वह समझती थी कि… Continue reading जाको राखे साइयां मार सके न कोई

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भीखू मांझी

भीखू सुबह-सुबह नदी के तट पर पहुंचना चाहता था। वह सुबह सुबह नाविकों को नाव पर से दूसरे छोर तक ले जाता था। इतना मेहनती  नाविक था लोग उसकी नाव पर बैठना पसंद करते थे। भीखू को काम करते 20 साल हो चुके थे। वह सुबह सुबह नाविकों को ले जाता और शाम होने तक… Continue reading भीखू मांझी

सकारात्मक सोच

स्कूल की घंटी बजी सारे के सारे बच्चे कक्षा में शोर मचा रहे थे। स्कूल में अध्यापकों की मीटिंग चल रही थी। मुन्नी रिंकू चुन्नू बंटी चारों के चारों इकट्ठे ग्रुप में बैठे हुए थे। तभी बिट्टू आया बोला सॉरी मै लेट हो गया। उसके चारों दोस्त उसे देरी से आता देख कर उस पर… Continue reading सकारात्मक सोच

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पोते का प्यार

पारो और माधव के परिवार में उनका बेटा अनीश। माधव एक ऑफिस में काम करता था पार्वती स्कूल में शिक्षिका थी। पारो सारा समय सजने-संवरने में रहती थी। बड़ी बड़ी आंखों वाली लंबे लंबे बालों वाली। अपनी आंखों को मटकाती रहती।  सजने संवरनें के इलावा उसे घर का काम करने में मजा नहीं आता था।… Continue reading पोते का प्यार

मां की सीख

मुन्नी को स्कूल के वितरण समारोह में ईनाम मिला था। एक छोटी सी गुल्लक  पाकर मुन्नी खुशी से फूले नहीं समा रही थी। वह दौड़ कर अपने दादाजी के पास आई बोली दादाजी। मुझे आज गुल्लक ईनाम में मिली है। दादा जी बोले बेटा बैठ मेरे पास। आज मैं तुम्हें एक बहुत ही अच्छी बात… Continue reading मां की सीख

दोस्त वही जो मुसीबत में काम आए

किसी गांव में एक नाई रहता था। वह गांव के लोगों के बाल काटता। सेव करता और लोगों की मसाज  करता। गांव में बहुत लोग उस से बाल कटवाते।  सारी गांव में केवल वही एक नाई था। उसकी दुकान पर लोगों का जमघट लगा रहता था। लोगों के साथ प्यार से पेश आता था। लोग… Continue reading दोस्त वही जो मुसीबत में काम आए

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सत्य बुद्धि की सूझबूझ

बहुत समय पहले की बात है कि गिरसेन नामक राजा के राज्य में लोग सुखी थे। लोग अपने राजा की बात का अनुसरण करते थे। वह भी हर एक न्याय बड़ी सूझबूझ से करता था। राजा जो भी बात अपनी प्रजा जनों को कहता था वह बात प्रजा के लोगों को माननी ही पड़ती थी।… Continue reading सत्य बुद्धि की सूझबूझ

सिफारिश

विभु के पापा ने वैभव को आवाज दी बेटा  यहां आओ वह बोला आप क्या कहना चाहते हैं!? उसके  पापा एक जाने माने राजनीतिक नेता थे। वह हर बार चुनाव में खड़े होते थे। आज भी जनता ने उन्हें वोट देकर जीता दिया था। वह अपने गांव वाले लोगों और जो लोग उनके पास अपनी… Continue reading सिफारिश

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