(इतनी शक्ति मुझको को देना दाता)

इतनी शक्ति मुझको देना दाता।
जग में काम सब के आ सकूं मैं।
चेहरे पर सब के खुशी का नूर ला सकूं मैं।
मन में सभी के घर कर के
खुशी की उमंग जगा सकूं मै।
हर रोते बिलखते चेहरों से।
उदासी की परत को हटा सकूं मैं।
हंसी की मुस्कान बन कर।
सभी के चेहरों पे ला सकूं मैं।
इतनी शक्ति मुझको देना दाता।
हर रोते बिलखते चेहरों से।
हर रोते बिलखते चेहरों से।
उदासी की परत को हटा सकूं मैं।।
मुस्कान चेहरे पे अपने लिए मैं।
औरों के काम आ सकूं मैं।
इतनी शक्ति मुझको देना दाता।
जग में अच्छे काम कर सकूं मैं।
अपने लिए न जी कर।
औरों के काम आ सकूं मैं।
बैर भावना को छोड़कर।
सभी को गले से लगा सकूं। ं
दूसरों की खुशी में भी।
अपनी खुशी को तलाश कर सकूं मैं।
इतनी शक्ति मुझको देना दाता।
जग में काम सब के आ सकूं मैं।
चेहरों पर खुशी का नूर बन कर।
सभी के दिलों पर राज कर सकूं मैं।
इतनी शक्ति मुझ को देना दाता।
जग में काम सब के आ सकूं मैं।
हर रोते बिलखते चेहरों पे।
हसीं की मुस्कान ला सकूं मैं।
इतनी शक्ति मुझ को देना दाता।
काम जग में अच्छे कर सकूं मैं।
हर रोते बिलखते चेहरों पे खुशी की उमंग जगाकर सकूं मैं।

देश में शहीद जवानों की कुर्बानीयों को ना भुला सकूं मैं।
उनके परिवारों के प्रति श्रद्धांजलि दे कर। श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकूं में।
इतनी शक्ति मुझ को देना दाता।
जग में काम अच्छे कर सकूं मैं।
हर रोते बिलखते चेहरों पे
खुशी का नूर भर सकूं मै।
सभी के दिलों से उदासी की परत को हटा सकूं मैं।gyu

हंसी की मुस्कान बन कर।
खुशी छलका सकूं मैं।
उनके गम को अपना गम बना कर।उनको गले से लगा कर उनमें हौंसला जाऊं।
इतनी शक्ति मुझ को देना दाता।
जग में नेक काम कर के।
सब के काम आ सकूं मैं।

मुश्किल की हर घड़ी में उन सभी के काम आ सकूं।
हर एक की मुश्किलें मिटा कर सभी के हौंसले बढा सकूं मैं।
इतनी शक्ति मुझको देना दाता
जग में नेककाम करके।
हर मुश्किल को मिटासकूं मैं।
दीन दुःखियों की सेवा कर।
अपनें जीवन को सफल बना सकूं मैं।
इतनी शक्ति मुझ को देना।
जग में नेक काम करते।
खुशी खुशी से इस जहांन से जाऊं मैं।
हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई सभी जनों को गले से लगाऊं मैं।
जात पात के भेद को भुला कर दुश्मन को भी गले से लगाऊं मैं।
इतनी शक्ति मुझ को देना दाता।
हर एक के काम आ सकूं।
हर एक रोते बिलखते चेहरों से।
उदासी की परत को हटा सकूं मै। गरीबों की झुग्गी झोपड़ियों में जा कर उनके साथ हर पर्व का लुत्फ उठाऊं। उन की खुशी गम में शामिल हो कर अपना दर्द भूल जाऊं मै।
इतनी शक्ति मुझे देना दाता।
जग में नेक काम कर सकूँ मै।
हर रोते बिलखते चेहरों पर।
हसीं का नूर ला सकूँ मैं।

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