अंधा और कुबड़ा

दो मित्र एक अंधा और कुबड़ा दोनों एक मोहल्ले में थे रहते।मिल बांट कर खाते तथा इकट्ठे जीवन यापन करते।।अंधे को लोग ज्यादा भीख थे दे दिया करते।कूबडे को लोग कम थे पसंद किया करते।। अंधे और कुबडे दोनों में ईर्ष्या की आग भड़की ।एक दिन वह आग शोला बनकर थी पनपी।।कूबडे ने अंधे से… Continue reading अंधा और कुबड़ा

जैकी और उसके दोस्त

पूंछ हिलाता जैकी आया । आकर अपने दोस्तों को बुलवाया।।  जैकी बोला चूहे भाई चूहे भाई इधर तो आओ।  मुझसे हमदर्दी तो जताओ।। चूहा बोला जैकी भाई जैकी भाई तुमने मुझे यहां क्यों बुलाया?  क्या तुम्हें किसी ने धमकाया?  जैकी बोला भाई मेरे सभी दोस्तों को बुलाओ । जल्दी से मालिक की सहायता के लिए… Continue reading जैकी और उसके दोस्त

उन्मुक्त गगन के पंछी

  उन मुक्त गगन के हम पंछी  नभ में विचरण करने वाले। हम खग , नभचर , और विहग हैं कहलाते। दिखनें में हैं हम अति सुन्दर,मनभाते। ,तभी तो अपनी जान हैं गंवाते।। कभी शिकारी पकड़ कर हमें ले जातें हैं।  हमें कठपूतली बना कर अपनें इशारों पे नचातें हैं। पक्षी विक्रेता को बेच कर हमें… Continue reading उन्मुक्त गगन के पंछी

मधुमक्खी और तितली की दोस्ती

मधुमक्खी और तितली की है यह कहानी। एक थी सुंदर एक थी स्वाभिमानी।। एक पेड़ पर मधुमक्खी और तितली साथ साथ थी रहती। दोनों साथ साथ रहकर सदा थी मुस्कुराती रहती।। साथ साथ रहने पर भोजन की तलाश में थी जाती । शाम को अपने पेड़ पर इकट्ठे थी वापिस आती।। अपने बच्चों के संग… Continue reading मधुमक्खी और तितली की दोस्ती

गोलू की फरियाद

गोलू मां से बोला मां मां मुझे कुछ ढेर सारे महंगे खिलौनें दिला दो ना। मेरे मन की ईच्छा को पूर्ण कर मुझे खुशी दिला दो ना। मां बोली बेटा हर जरूरत की चीज ही तुम्हें दिलवांऊंगी। अपने घर का बजट देखकर ही तुम्हारा कहना पूरा कर पाऊंगी। गोलू बोला मां तू है बड़ी ज्ञानी… Continue reading गोलू की फरियाद

प्रथम पाठशाला परिवार

सबसे बड़ा विद्यालय है परिवार हमारा । परिवार के सदस्य शिक्षक बनकर संवारतें हैं भविष्य हमारा जिंदगी की पाठशाला में माता शिक्षक है बन जाती । प्यार दुलार व डांट फटकार लगाकर हर बात है समझाती ।। जिम्मेदारी का अहसास ,अनुशासन का पाठ, सम्मान का पाठ भी है सिखलाती। गुरु व माता बनकर अच्छे संस्कारों… Continue reading प्रथम पाठशाला परिवार

आशियाना

एक वन में विशाल और ऊंचा बरगद का पेड़ था। कितने सालों से वह पेड़ था यूं ही था वहां खड़ा । पेड़ ने एक दिन यूं आने जाने वालों से पूछा मैं यहां क्यों हूं रहता। मैं यहां क्यों हूं रहता। पेड़ हर रोज यही प्रश्न पूछा करता था। हर रोज चिंता में घुटता… Continue reading आशियाना

शिक्षा और अक्षर ज्ञान

एक दिन मिन्नी मां से बोली मैं भी स्कूल पढ़ने जाऊंगी। नई नई किताबे पढनें का अवसर पाऊंगी।। मां बोली बेटा तू तो है अभी बहुत ही छोटी । खा पीकर पहले हो जा मोटी ।। तू तब स्कूल पढ़ने जाना । पढ़कर बड़ा बन कर दिखलाना।। मिन्नी बोली मां देख ,मैं कितनी बड़ी दिखती… Continue reading शिक्षा और अक्षर ज्ञान

बच्चोंआओ, बच्चोंआओ मेरे साथ मिलकर गाओ

बच्चों आओ बच्चों आओ, मेरे साथ मिलकर गाओ। समय का सदुपयोग कर सफलता की सीढ़ी चढ़ते जाओ। हृदय में उत्साह धारण करके,अपनें कार्य में मन लगाओ। बच्चों आओ बच्चों आओ मेरे साथ मिलकर गाओ।। जो समय का सम्मान है करते । समय पर ही सभी काम है करते। वह अपना जीवन खुशी से है जीया… Continue reading बच्चोंआओ, बच्चोंआओ मेरे साथ मिलकर गाओ

नन्हा मुन्ना बच्चा हूं

नन्ना मुन्ना बच्चा हूं। लेकिन कान का कच्चा हूं।। सीधा साधा भोला भाला , लेकिन किसी की बातों में ना आने वाला ।। बड़ों का सम्मान करता हूं। उनका अपमान कभी नहीं करता हूं।। समय का पालन करता हूं। संयम से ही सारे काम करता जाता हूं।। नहीं करता हूं कक्षा में किसी से शत्रुता।… Continue reading नन्हा मुन्ना बच्चा हूं