आधुनिक पीढी

5 सितंबर का दिन था ।स्कूल में बच्चे अपने तरीके से शिक्षक दिवस के कार्यक्रम का आयोजन कर रहे थे । उन्होंने पहले से ही इसके लिए रिहर्सल करनी शुरू कर दी । उन्होंने अपने कार्यक्रम के बारे में किसी को भी नहीं बताया था क्योंकि वह अपने अध्यापकों की एक्टिंग करने की कोशिश कर रहे थे । वह दिन भी आ गया जिसका सभी को इंतजार था ।विपुल, भानु ,भैरवी, विकास और विनु पांच मुखिया थे ।वह सभी कार्यक्रम के आयोजन के लिए भरपूर मेहनत कर रहे थे ।उनके स्कूल में दूसरे दिन स्वास्थ्य से संबंधित अधिकारी और नेतागण,व स्कूल की पंचायत के प्रधान सारे के सारे स्कूल में मनाए जाने वाले कार्यक्रम को देखने के लिए आने वाले थे ।उन सभी को आमंत्रित किया गया था। वहां पर सभी बड़े-बड़े पंचायतों के निरीक्षक महोदय स्कूल शिक्षा खंड अधिकारी और हेल्थ से संबंधित चीफ मेडिकल अधिकारी सभी उपस्थित थे क्योंकि दूसरे दिन स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिता थी इसके लिए सारे के सारे मान्यवर लोगों को समारोह में उपस्थित होने के लिए बुलाया गया । प्रधानाचार्य जी ने कहा की आप सभी हमारे बच्चों का कार्यक्रम देखने के लिए भी आमंत्रित हैं ।थोड़ी देर बाद कार्यक्रम शुरू होने वाला था, तभी भानु ने आकर अपने साथियों का परिचय दिया। मैं भानु दसवीं कक्षा की छात्रा अपने पांचों ग्रुप मेंबर्स के साथ कार्यक्रम में भाग ले रही हूं ।मैं जाहन्वी मैडम की एक्टिंग कर रही हूं ।गुड मॉर्निंग बच्चों क्या हो रहा है ?सीट डाउन ।कक्षा में बच्चे दिखाई दिए जैसे ही जहान्वी मैडम कक्षा में आई बच्चों ने गुड मॉर्निंग कहा तभी दो तीन लड़कियां जो मैडम बनी हुई थी आई हेलो शिखा मैडम ,हेलो विभा हमारे स्कूल में हिंदी शिक्षक दिवस के अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी महोदय आ रहे हैं ।बच्चों को फोन करके कह देना कि अपनी कॉपियां तैयार रखें कल सब बच्चे स्कूल में समय पर पहुंचने चाहिए। हेलो मैडम ,तारा मैडम को भी कह देना जल्दी स्कूल आ जाना हर बार की तरह देर मत करना। अरे खाना बनाने वालों ,कान खोल कर सुन लो हर एक चीज़ का पता होना चाहिए कितना चावल बनता है कौन-कौन सी सब्जियां बनती है मीठा कब बनता है, और सारे किचन में सफाई होनी चाहिए ,चीजें इधर उधर बिखरी हुई नहीं होनी चाहिए और सर ,आप तो कल भी अपनी हाजिरी लगा कर नहीं गए आज तो अपनी उपस्थिति लगा दो सर ,आप तो बच्चों से भी बढ़कर है ।यह सब एक्टिंग जाहन्वी कर रही थी मैडम जाहन्वी तो शर्म से पानी पानी हो रही थी क्योंकि बच्चों ने अपने कार्यक्रम के बारे में किसी को भी नहीं बताया था तभी विपुल एकदम स्टेज पर आया मम्मी मम्मी मुझे खाना दो। विपुल ,मांमां आप खाना दे दो नहीं ,तुम्हें आज मैं खाना नहीं दे सकती बेटा ,मुझे अपनी सहेलियों को सूचित करना है कल हमारे अस्पताल में स्वास्थ्य निरीक्षण अधिकारी आ रहे हैं ।अस्पताल में जल्दी जाकर देखना भी है कौन-कौन समय पर आया है ।उन्हें पहले से ही सूचित करना है बेटा ,आज तुम अपने आप खाना खा लो विपुल की मां की एक्टिंग उसकी स्कूल की भानु कर रही थी ।उसी वक्त एक लड़का आया विकास, विकास आकर बोला मैं यहां का नेता हूं लोगों ने मुझे जनता की भलाई के लिए वोट दी है। विपुल का दोस्त वहां पहुंचा चुका था पुनीत आकर बोला जो विकास की एक्टिंग कर रहा था मेरे प्यारे भाई बहनों इस बार तुम मुझे ही वोट देना क्योंकि मैं अपने गांव की जनता के काम करवाने की भरसक कोशिश करूंगा तभी पुनीत आया बोला ,तुम नेतागण वादे तो बहुत बड़े-बड़े करते हो, परंतु जब मतलब निकल जाता है तो पूछते तक नहीं हो पहले तो भंवरों की तरह मंडराते रहते हो जैसे ही वोट का समय समाप्त होता है तुम अपने वादे भूल जाते हो ।तुम लोगों को गुमराह करते हो ताकि लोग तुम्हारे बहकावे में आकर तुम्हें ही वोट दें । भानु की बारी थी भानु ने अपनी मां को कहा मां उसकी बहन मां की भूमिका कर रही थी भानु ने कहा मां मां ,आजकल तो आप किचन की बड़ी सफाई रखती हो ।यह आश्चर्य जनक परिवर्तन कहां से आ गया ?जब से मोदी की स्वच्छता अभियान का कार्यक्रम आयोजित हुआ जगह-जगह सफाई का मुद्दा उठाया गया था और जिस गांव की पंचायत सबसे अच्छा काम करेगी उस पंचायत को स्वच्छता कार्यक्रम की ओर से बहुत बड़ी राशि ईनाम स्वरूप मिलेगी। मैं 5 साल से देख रही हूं आप ईनाम हर बार ले जाती हो क्योंकि आपको पहले ही पता चल जाता है इस दिन स्वच्छता कमेटी का आयोजन होगा तब आप सभी सहेलियों को पहले से ही अपने गांव के मोहल्ले वाले लोगों को इकट्ठा करके 10 दिन पहले सफाई करवाती हो । अपने घर में मक्खियों का ढेर ही ढेर मां मां मां मुझे बड़ा ही गुस्सा आता है जब आपकी पंचायत को ईनाम मिलता है तब मेरा दिल करता है कि मैं अगर आज बड़ी निरीक्षक महोदय होती तो दूध का दूध और पानी का पानी कर देती। आपके गांव के दूसरे मोहल्ले की पंचायत की वीनू पंचायत की मुखियाहै।वह इतनी अधिक सफाई करवाती है परंतु उन्हें किसी भी अधिकारी के आने की खबर भी नहीं होती कहीं ना कहीं वह ईनाम से पीछे रह जाती है क्योंकि उनका कोई न कोई अधिकारी उस समय उपस्थित नहीं होता ।असली मायने में तो सफाई के हकदार तो वही मोहल्ले वाले हैं ।सभी निरीक्षक महोदय बच्चों के कार्यक्रमों को ध्यान से सुन रहे थे ।सारे अध्यापकों के चेहरों का ,पंचायत की प्रधान का ,डॉक्टर और अस्पताल के अधिकारियों का, पर्दाफाश इन बच्चों ने वास्तविक एक्टिंग करके कर दिया। पांचों बच्चों को निरीक्षक अधिकारियों ने अपने पास बुलाया और पूछा तुमने जो जो कहा क्या यह सच है तभी भानु बोली मेरी मां पंचायत प्रधान है ।विकास के पापा नेता है विपुल की माता स्वास्थ्य अधिकारी है ।जानवी की मम्मी अध्यापिका है यह सभी बच्चे बोले सर जीहमारा पांचों का ग्रुप है । हम सब अपने-अपने विचार एक दूसरे से विमर्श करते हैं ।हमने आप सब को सच्चाई से अवगत करवाया है क्योंकि हम बच्चे ही कल को इस देश की भावी पीढ़ी के उज्जवल भविष्य है ।हम ऐसी नीव खड़ी नहीं करना चाहते आज से हम पांचो मिलकर प्रण लेते हैं कि हम आने वाली पीढ़ियों को इन बुराइयों से बचाएंगे जैसे कि आजकल मोदी और योगी ,दो ऐसी महान विभूतियां हैं जिनमें लोगों का भविष्य उज्ज्वल दिखाई देता है ऐसे लीडर ऐसे अध्यापक ऐसे नेता और ऐसे पंचायत अधिकारी मिलने चाहिए जो कि अपने बारे में नहीं बल्कि सभी के विकास के लिए कार्य करे।

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