मेरी सहेलियां

देखो देखो यह मेरी सहेलियां।

मुझे लगती है यह पहेलियां।

मेरी सहेली अंजली हमेशा हंसती खिल खिलाती।

नीलाक्षी है हमेशा पक्की दोस्ती निभाती।

डिंपल रहती है चुप चुप।

नेहा बातें करती है गुपचुप।

तारुषि  को कहते हैं सब भोली

लेकिन वह है बंदूक की गोली।

अर्चना है हमेशा गाना गाती।

अंजना की लिखाई भी है सब को है भाती।,

रानी  रेस में  तेज तेज भागे। 

इसीलिए वह  पढाई में भी रहती है सबसे आगे।

रुही है प्यारी प्यारी सी गुड़िया।

सृष्टि को सब कहतें हैं जादू की पुडिया।