चिडि़या और उनके नन्हे बच्चे

, एक पेड़ की शाखा पर चिड़िया ने घोंसला बनाया हुआ था। चिड़िया अपने नन्हे नन्हे बच्चों के साथ रहती थी। चिड़िया जब दाना चुगने जाती तो वह अपने बच्चों को अपने घोंसले में छोड़ कर चली जाती थी। चिड़िया जब दाना चुगकर वापिस आई उसने देखा इसका एक छोटा सा बच्चा चुपचाप गुमसुम बैठा… Continue reading चिडि़या और उनके नन्हे बच्चे

Posted in Uncategorized

शक का दायरा

तरुणा तान्या और तन्वी तीन सहेलियाँ थी। तीनों सखियां दसवीं के बाद नर्स के प्रशिक्षण के लिए जी-जान से तैयारी कर रही थी। दोनों ही बहुत होनहार सुशील और सभ्य थी। तीनों डटकर नर्स के प्रशिक्षण की तैयारी कर रही थी। तीनों  लिखित परीक्षा में निकल चुकी थी केवल मौखिक परीक्षा का टेस्ट होना बाकी… Continue reading शक का दायरा

Posted in Uncategorized