बंदर आया (कविता)

बंदर आया बंदर आया। पेड़ो पर उछल कूद कर सारा घर सिर पर उठाया। पेड़ पर चढ़कर इधर उधर इठलाया।। छज्जों पर हर जगह चढ़कर करता  शैतानी। हर जगह धूम चौकड़ी मचा कर करता अपनी मनमानी।। खो खो करता बंदर आया। हर आने जाने वाले राहगीरों को डराया।। नकल करता बंदर आया, बंदर आया। पेड़ों … Continue reading बंदर आया (कविता)

शिब्बू

शिब्बू एक भोला भाला और मासूम सा बालक था ।बचपन से ही उसके माता-पिता उसे इस संसार से अलविदा कह चुके थ।े वह अपने चाचा चाची जी के यहां रहने लगा था ।चाची उसे अपने घर में नहीं रखना चाहती थी ।चाची ने यहां तक कह दिया था कि उसे अनाथ आश्रम छोड़ आते हैं… Continue reading शिब्बू

साहसी शिब्बू

शिब्बू जल्दी में स्कूल जा रहा था। शिब्बू को स्कूल पहुंचने में देर हो गई थी। स्कूल में निरीक्षक महोदय आए हुए थे। वह थोड़ा देर से स्कूल पहुंचा था। मैडम ने उस को कहा देर से आने वाले बच्चे बेंच पर खड़े हो जाओ अधीक्षक महोदय उस के पास आए बोले तुम्हें देर कैसे… Continue reading साहसी शिब्बू