जतिन के दादाजी बूढ़े हो चले थे। वह सोचनें लगे मैं इतना खुश नसीब हूं कि मैंने अपने जीवन के 90 वर्ष में प्रवेश कर लिया है। मेरी सभी इच्छाएं भगवान ने पूरी कर दी हैं। हर साल में अपने परिवार वालों को बहुत सारे उपहार देता हूं आज भी अपना जन्मदिन मना कर सारे… Continue reading दादा जी का रहस्यमयी तोहफा
Month: December 2018
आस्था previous post 21 november
एक बनिया था। वह बहुत ही कंजूस था। एक छोटे से कस्बे में रहता था। उसका काम था रुपयों को इकट्ठा कर के संजो कर रखना। हरदम इसी ताक में रहता था कि मैं जितना भी कमाऊं वह सब का सब मेरी तिजोरी में भरा रहे एक भी रुपया इधर उधर न हो। वह… Continue reading आस्था previous post 21 november
राष्ट्रीय ध्वज
प्रत्येक राष्ट्र संघ का ध्वज है होता। यह गौरव और सम्मान का प्रतीक है होता।। राष्ट्रीय ध्वज केसरिया श्वेत और हरे रंग से है बना हुआ। इस के मध्य में अशोक चक्र है लगा हुआ।। हमारी धार्मिक स्वतन्त्रता का है प्रतीक। इस तिरंगें में 24 शलाघाएं है लगी हुई।। विभिन्न धर्मों में एकता और समभाव… Continue reading राष्ट्रीय ध्वज