नटखट तोषी

शिवप्रसाद जैसे ही अपने ऑफिस जाने की तैयारी करते उनकी छत पर हर रोज एक बंदर आकर मंडराने लगता। शिव प्रसाद को कभी उस बंदर पर क्रोध आता कभी सोचते इस बंदर ने मेरा क्या बिगाड़ा है बेचारा भूखा है तभी तो मेरे घर की छत पर रोटी ढूंढने लगता है। जब वह उसे हासिल… Continue reading नटखट तोषी

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जादुई अंडा

एक शिकारी था। उसके पास बहुत सारी मुर्गियां थीं। मुर्गियों के अंडों को बाजार में बेच देता था। एक दिन शिकारी उन मुर्गियों के अंडों को बेचने गया तो उसने सब अंडों को बाजार में बेच दिया। एक आखरी अंडे को देख कर हैरान हो गया वह अंडा बहुत ही बड़ा था। वह उसे बेचना… Continue reading जादुई अंडा

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